म्यांमार सरकार मुसलमानों के विरुद्ध हिंसा की जांच कराएः अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं
अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं ने म्यांमार सरकार से मांग की है कि वह राख़ीन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध हिंसा की जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिनिधि को जाने की अनुमति दे।
इस्ना की रिपोर्ट के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं ने शनिवार को म्यांमार की सरकार से मांग की है कि वह इस देश के सैनिकों द्वारा राख़ीन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों को यातनाएं देने, महिलाओं के साथ बलात्कार करने और जनसंहार के आरोपों की जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष को राख़ीन प्रांत जाने की अनुमति दें।
शुक्रवार को राख़ीन प्रांत यू शे किया गांव की आठ रोहिंग्या मुस्लिम महिलाओं ने कहा था कि म्यांमार के सैनिकों ने 19 अक्तूबर को उनके घरों पर हमला किया और बंदूक़ की नोक पर उनसे बलात्कार किया।
ज्ञात रहे कि सन 2012 से राख़ीन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों पर बौद्ध चरमपंथियों के हमले हो रहे हैं और इन हमलों में अबतक कम से कम एक हज़ार रोहिंग्या मुसलमान मारे जा चुके हैं जबकि एक लाख से अधिक मुसलमान बेघर हुए हैं। रोहिंग्या मुसलमान इस प्रांत के कैंपों या पड़ोसी देशों के शरणार्थी शिविरों में जीवन व्यतीत करने पर विवश हैं।
म्यांमार की सरकार देश के रोहिंग्या मुसलमानों को अपना नागरिक स्वीकार नहीं करती और उन्हें ग़ैर क़ानूनी पलायनकर्ता कहती है जो बांग्लादेश सहित पड़ोसी देशों से आए हैं। (AK)