नाइजीरियाई सैनिकों ने 100 से अधिक शीया मुसलमानों की हत्या की
नाइजीरिया की सरकार और सेना किसी प्रकार की ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं कर रही है।
नाइजीरिया के सैनिकों ने एक बार फिर इस देश के मुसलमानों पर हमला किया। नाइजीरियाई सैनिकों ने इस देश के कानू नगर में शीया मुसलमानों पर अंधाधुंध फायरिंग की जिसमें शहीद होने वालों की संख्या 100 से अधिक हो गयी है।
नाइजीरिया के इस्लामी आंदोलन ने घोषणा की है कि कानू नगर में मुसलमान प्रतीकात्मक रूप में अरबईन की रैली निकालना चाह रहे थे कि इस देश की सैनिकों ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में कम से कम 100 लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे और सैकड़ों अन्य घायल हो गये।
यह हमला उस समय किया गया जब इस्लामी मानवाधिकार आयोग ने नाइजीरियाई सरकार से मांग की थी कि वह अरबईन की रैली के दौरान मुसलमानों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाये। नाइजीरिया सैनिकों ने पिछले महीने इस देश के कात्सीना प्रांत के फोन्तू नगर में आशूरा के जुलूस पर हमला करके कम से कम 20 लोगों को हताहत और कई अन्य को घायल कर दिया था।
काफी समय से नाइजीरियाई मुसलमानों के विरुद्ध हिंसा अपने चरम पर है और धार्मिक समारोहों के दौरान उन पर हमला किया जाता है।
नाइजीरियाई सेना ने पिछले वर्ष मुसलमानों पर हमला करके और इस देश के वरिष्ठ धर्मगुरू और मुसलमान नेता शेख ज़कज़की को गिरफ्तार करके मुसलमानों के विरुद्ध हमला आरंभ किया और इस प्रकार के हमलों को जारी रखकर अधिक तनाव और मुसलमानों की गतिविधियों के लिए वातावरण को सीमित कर दिया है।
शेख ज़कज़की अब भी गिरफ्तार हैं और उनकी आज़ादी के लिए किये जाने वाले समस्त प्रयास परिणामहीन रहे हैं। शेख ज़कज़की के वकील ने इससे पहले घोषणा की थी कि इस देश के शीया मुसलमानों के नेता शेख ज़कज़की की स्थिति जेल में बहुत खराब है और नाइजीरिया की सरकार और सेना किसी प्रकार की ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं कर रही है।
बहरहाल अगर नाइजीरिया की सेना हत्या और हिंसा का मार्ग जारी रखती है तो इस देश की कठिनाइयों का न केवल समाधान नहीं होगा बल्कि नाइजीरिया की सरकार और मुसलमान समाज के मध्य खाई और गहरी हो जायेगी जबकि नाइजीरिया को आतंकवादी गुट बोकोहराम से व्यापक मुकाबले के लिए शांति व सुरक्षा और एकता की आवश्यकता है। MM