सीरिया पर अमरीकी हमला, इंसानी ग़लती या अपराधों पर पर्दा डालना
अमरीकी रक्षामंत्रालय पेन्टागन की जांच समिति ने सीरिया के दैरिज़्ज़ूर में सीरियाई सैनिकों के ठिकानों पर अमरीकी युद्धक विमानों के हमले को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है।
इस संबंध में अमरीकी रक्षामंत्रालय ने अपनी जांच के परिणाम की घोषणा की। इस हमले पर रूस के कड़े विरोध के बाद अमरीका इस मामले की जांच करने पर विवश हुआ और उसने हमले के कारणों का पता लगाने के लिए एक समिति का गठन किया।
पेन्टागन की जांच समिति के प्रमुख ने सीरियाई सैनिकों के ठिकानों पर अमरीकी युद्धक विमानों के हमले के औचित्य में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह हमला ग़लती से हुआ, इसमें शत्रुता का कोई आयाम नहीं था और यह केवल इंसानी ग़लती का परिणाम था।
दैरिज़्ज़ूर में सीरियाई सैनिकों के ठिकानों पर अमरीका के हवाई हमले में इस देश के 62 सैनिक मारे गये थे। कहा जाता है कि सीरियाई सैनिकों पर अमरीका के युद्धक विमानों का हमला, दाइश द्वारा सीरियाई सेना की छावनी पर नियंत्रण की भूमिका बना और उसके बाद ही दाइश के आतंकियों ने सीरियाई सैनिकों की छावनी पर नियंत्रण कर लिया । इस समाचार से पता चला कि सीरिया में आतंकियों और अमरीका के मध्य एक प्रकार की साठगांठ है।
यह एेसी स्थिति में है कि अमरीका, सीरियाई सैनिकों की छावनी पर हमले और इस छावनी में मौजूद सैनिकों के जनसंहार को ग़लती से हुई घटना बताने का प्रयास कर रहा है किन्तु समस्त प्रमाण इस बात को दर्शाते हैं कि यह कार्यवाही आतंकियों के साथ सांठगांठ से पूर्वनियोजित थी जिसके बाद क्षेत्र में दाइश के आतंकियों ने प्रगति की।
अमरीकी सैनिकों के पास इतने आधुनिक उपकरण है जिससे इस प्रकार की ग़लती की संभावना बहुत ही कम हो जाती है और अमरीकी सरकार ने इन क्षमताओं के बारे में व्यापक स्तर पर प्रोपेगैंडे भी कर रखे हैं। सैन्य छावनी और आतंकियों के ठिकानों में अंतर करना बहुत ही सरल काम है। बहरहाल सीरिया में सक्रिय आतंकियों के अमरीका और पश्चिमी देशों की ओर से वित्तीय व सामरिक समर्थन से पता चलता है कि सीरिया संकट के आरंभ से ही अमरीका इन आतंकवादियों का समर्थक रहा है और अब वह अपने अपराधों पर पर्दा डालने के लिए इंसानी ग़लती का सहारा ले रहा है। (AK)