रोहिंग्या मुसलमानों का दमन, मानव अपराधः एमनेस्टी इंटरनैश्नल
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मानवाधिकारों की अन्तर्राष्ट्रीय संस्था एमनेस्टी इंटरनैश्नल का कहना है कि म्यंमार में रोहिंग्या मुसलमानों के दमन को मानव अपराध के रूप में पेश किया जाए।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec १९, २०१६ १०:१६ Asia/Kolkata
  • रोहिंग्या मुसलमानों का दमन, मानव अपराधः एमनेस्टी इंटरनैश्नल

मानवाधिकारों की अन्तर्राष्ट्रीय संस्था एमनेस्टी इंटरनैश्नल का कहना है कि म्यंमार में रोहिंग्या मुसलमानों के दमन को मानव अपराध के रूप में पेश किया जाए।

प्रेस टीवी के अनुसार एमनेस्टी इंटरनैश्नल का मानना है कि म्यंमार में रोहिंग्या मुसलमानों का पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अन्तर्गत दमन किया जा रहा है।  उसका कहना है कि म्यंमार में मुसलमानों के विरुद्ध अपराधों को तत्काल रुकना चाहिए।

एमनेस्टी इंटरनैश्नल ने मांग की है कि रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध अपराधों की स्वतंत्र जांच के लिए एक टीम को म्यांमारर भेजा जाए।  म्यांमार के राख़ीन प्रांत में रहने वाले रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध अक्तूबर 2016 से पुनः हिंसक कार्यवाहिंया आरंभ हो गई हैं।  इन कार्यवाहियों में अबतक सैकड़ों मुसलमान मारे जा चुके हैं जबकि हिंसा के डर से 30000 से अधिक रोहिंग्या मुसलमान, अपना घरबार छोड़ने पर विवश हुए हैं।

म्यांमार की सरकार इस देश में रहने वाले रोहिंग्या मुसलमानों को अवैध पलायनकर्ता बताती है।  इसी आधार पर वह उन्हें नागरिकता से वंचित रखे हुए है।