काबुल में रूसी राजदूत को तलब किया गया
अफगानिस्तान के संबंध में 27 दिसंबर को मॉस्को में त्रिपक्षीय बैठक होने वाली है
अफगानिस्तान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता शकीब मुस्तग़नी ने इस देश के बारे में मॉस्को में आयोजित शांति बैठक के बारे में बल देकर कहा है कि काबुल की उपस्थिति के बिना चीन, पाकिस्तान और रूस की सम्मिलिती से होने वाली त्रिपक्षीय बैठक सफल नहीं होगी।
उन्होंने अफग़ानिस्तान में शांति स्थापित करने के संबंध में मॉस्को में होने वाली त्रिपक्षीय बैठक की प्रतिक्रिया में कहा कि काबुल सरकार को इस बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है और इसी कारण इस प्रकार की बैठक का कोई परिणाम नहीं निकलेगा।
मुस्तग़नी ने आगे कहा कि अफगानिस्तान के संबंध में आयोजित होने वाली हर बैठक को काबुल के अध्यक्षता में होनी चाहिये। अफगानिस्तान के संबंध में 27 दिसंबर को मॉस्को में त्रिपक्षीय बैठक होने वाली है। इस बैठक में भाग लेने के लिए काबुल को आमंत्रित नहीं किया गया है और उसके प्रति काबुल की नकारात्मक प्रतिक्रिया मॉस्को-काबुल संबंधों में तनाव उत्पन्न होने का कारण बन सकती है।
विशेषकर इसलिए कि पिछले सप्ताह तालेबान और मॉस्को के बीच संबंध होने की घोषणा अफगान सिनेट में तनाव का कारण बना था। तालेबान के साथ मॉस्को के संबंध होने पर आधारित समाचार से काबुल सरकार की चिंता इस सीमा तक बढ़ गयी कि काबुल में रूसी राजदूत को अफगानिस्तान की सिनेट में तलब किया गया ताकि वह इस संबंध में प्रश्नों का उत्तर और सफाई दें।
काबुल में रूसी राजदूत ने तालेबान के साथ संबंधों को स्वीकार करते हुए कहा कि इस संबंध का लक्ष्य अफगानिस्तान में रूसी नागरिकों की जानों की सुरक्षा करना है और मॉस्को हथियारों से इस गुट का समर्थन नहीं कर रहा है।
रूसी राजदूत के जवाब से अफगान सिनेटर संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने रूस से मांग की है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और अफगानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करे। MM