ट्रेसा मे ने केरी के बयान से अपना पल्ला झाड़ा
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ब्रितानी प्रधान मंत्री ट्रेसा मे
ब्रितानी प्रधान मंत्री ट्रेसा ने अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी द्वारा अतिग्रहित फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में इस्राईल की नीतियों की आलोचना के बाद, वॉशिंग्टन के दृष्टिकोण से लंदन को अलग कर लिया है।
केरी ने इस हफ़्ते एक अहम भाषण में ज़ायोनी प्रधान मंत्री बिनयामिन नेतनयाहू के मंत्रीमंडल की “इस्राईल के इतिहास के सबसे दक्षिणपंथी गठबंधन” के रूप में आलोचना करते हुए चेतावनी दी थी कि बस्तियों का तेज़ी से जारी निर्माण “एक स्टेट और निरंतर अतिग्रहण” का मार्ग समतल कर रहा है, जिसके नतीजे में तथा-कथित दो स्टेट के वजूद पर आधारित समाधान के मार्ग में “गंभीर ख़तरा” पैदा हो गया है।
ब्रितानी प्रधान मंत्री ट्रेसा मे के प्रवक्ता ने कहा कि प्रधान मंत्री का मानना है कि नेतनयाहू के मंत्रीमंडल के स्वरूप या इस्राईल के बस्ती निर्माण के विषय की “इस विवाद के मुख्य कारण” के रूप में आलोचना सही नहीं है। सरकार का मानना है कि बातचीत उसी वक़्त सफल होगी जब दोनों पक्षों के बीच हो और उसे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का समर्थन हासिल हो।
ज्ञात रहे पिछले हफ़्ते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अतिग्रहित फ़िलिस्तीनी ज़मीनों पर इस्राईल की ‘अवैध’ बस्तियों के निर्माण के तुरंत रुकने पर आधारित प्रस्ताव नंबर 2334 पारित हुआ है।
ट्रेसा मे के प्रवक्ता ने कहा, “हमारा यह मानना है कि अतिग्रहित फ़िलिस्तीनी ज़मीनों पर बस्तियों का निर्माण अवैध है, इसलिए हमने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2334 का समर्थन किया।”
फिर भी उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री, केरी के इस्राईल विरोधी स्वर पर चिंतित थीं।
ट्रेसा में के बयान पर अमरीकी विदेश मंत्रालय ने रुखाई से जवाब देते हुए कहा कि केरी का बयान “ब्रिटेन की लंबे समय से चली आ रही नीति और पिछले हफ़्ते उसकी ओर से संयुक्त राष्ट्र संघ में दिए गए वोट के अनुसार है।”
समझा जाता है कि ट्रेसा मे का यह दृष्टिकोण आगामी अमरीकी प्रशासन के साथ ब्रिटेन के संबंध को बेहतर करने के उद्देश्य से है।
ट्रम्प ने इस्राईल विरोधी प्रस्ताव के पास होने पर ओबामा प्रशासन की आलोचना की थी। (MAQ/N)