ट्रंप के आदेश के विरुद्ध अमरीकी सेनेटर
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अमरीकी कांग्रेस के डेमोक्रेट्स सेनेटर ने एेसा प्रस्ताव पेश किया है जिसके आधार पर 7 मुसलमान देशों के नागरिकों के अमरीकी प्रवेश पर प्रतिबंध का ट्रंप का आदेश, क़ानून नहीं बन पाएगा।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb ०१, २०१७ १३:०६ Asia/Kolkata
  • ट्रंप के आदेश के विरुद्ध अमरीकी सेनेटर

अमरीकी कांग्रेस के डेमोक्रेट्स सेनेटर ने एेसा प्रस्ताव पेश किया है जिसके आधार पर 7 मुसलमान देशों के नागरिकों के अमरीकी प्रवेश पर प्रतिबंध का ट्रंप का आदेश, क़ानून नहीं बन पाएगा।

इसी बीच वर्जीनिया के दो सेनेटरों मार्क वारनर और तीमकीन ने एक बयान जारी करके ट्रंप के आदेश को मुसलमानों के विरुद्ध बताया है।

जबसे डोनाल्ड ट्रंप ने अमरीका में सत्ता संभाली है उन्होंने आंतरिक और बाहरी मामलों के बारे में 18 आदेश जारी किये हैं।  इन विवादित आदेशों में ट्रंप के एक आदेश पर राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।  इस आदेश के अनुसार 7 मुसलमान देशों के नागरिकों के अमरीकी प्रेवश पर प्रतिबंध लग गया है।  ट्रंप का यह कहना है कि उनका आदेश आतंकवाद विरोधी है जो अमरीकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए है।  ट्रंप के तर्क के विपरीत बहुत से जानकारों का यह मानना है कि अमरीकी राष्ट्रपति का यह आदेश इस्लामी विरोधी है जिसकी ज़द में मुसलमान आ रहे हैं।

ट्रंप के इस आदेश की अमरीका के भीतर और बाहर व्यापक स्तर पर निंदा की जा रही है।  योरोप के भी कई बड़े नेता ट्रंप के आदेश की निंदा करते हुए उसे तानाशाही आदेश बता रहे हैं।  इसी बीच सूचना है कि अमरीकी विदेश मंत्रालय के लगभग 900 अधिकारियों ने एक बयान जारी करके प्रवासियों और शरणार्थियों के बारे में डोनाल्ड ट्रंप के आदेश का विरोध किया है।  अमरीका के कई वरिष्ठ अधिकारियों के अतिरिक्त विश्व के कई नेताओं और गणमान्य लोगों ने ट्रंप के आदेश का विरोध करते हुए कहा है कि वे इस आदेश के विरुद्ध हम अपना विरोध जारी रखेंगे।  इसके साथ ही कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का भी कहना है कि जबतक इस फै़सले को वापस नहीं लिया जाता उस समय तक हमारा विरोध जारी रहेगा।

दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कंजर्वेटिव जज नील गोरसच को सुप्रीम कोर्ट के लिए अपने उम्मीदवार के रूप में नॉमिनेट किया है।  इस चयन पर डेमोक्रेट सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया है।   इस प्रकार कहा जा सकता है कि अमरीका के नए राष्ट्रपति के क्रियाकलापों का विरोध न केवल अमरीका के बाहर किया जा रहा है बल्कि स्वयं अमरीकी सीनेट में भी उनका जमकर विरोध किया जा रहा है।