तालेबान शासन के क़ानून मंत्री के बयानों से हंगामा
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अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के शासनकाल के क़ानून मंत्री अकबर आग़ा ने कहा है कि पिछले तीन साल से रूस से तालेबान का संपर्क है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb १४, २०१७ १६:१३ Asia/Kolkata

अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के शासनकाल के क़ानून मंत्री अकबर आग़ा ने कहा है कि पिछले तीन साल से रूस से तालेबान का संपर्क है।

उन्होंने दावा किया कि तालेबान को अफ़ग़ानिस्तान से अमरीका को निकालने के लिए रूस से संबंध स्थापित करने की ज़रूरत थी।

मोहम्मद अकबर आग़ा ने एक साक्षात्कार में कहा कि क्षेत्र में अमरीका के ख़तरे का सामना करने के लिए तालेबान को रूस की मदद की ज़रूरत है और इसके बदले में रूस की मांग यह है कि रूस की सीमाओं को सुरक्षित बनाने में तालेबान सहयोग करें। पूर्व तालेबान सरकार के इस अधिकारी का बयान बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्योंकि इससे अफ़ग़ानिस्तान और अमरीका से रूस के संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

यह बयान इस लिए भी महत्वपूर्ण है कि हाल ही में मास्को में अफ़ग़ानिस्तान के विषय पर एक बैठक की ख़बरें मीडिया में आई थीं जिसमें अफ़ग़ान सरकार को आमंत्रित नहीं किया गया था। काबुल सरकार का मानना है कि यदि अफ़ग़ानिस्तान की शांति के लिए कोई प्रक्रिया शुरू की जाती है और उसमें काबुल सरकार को शामिल नहीं किया जाता तो इससे अफ़ग़ानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता कमज़ोर होगी तथा क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय ताक़तों को अफ़ग़ानिस्तान के मामलों में हस्तक्षेप का और अधिक अवसर मिलेगा।

हाल ही में काबुल में रूस के राजदूत ने अफ़ग़ानिस्तान की संसद में जाकर यह आश्वासन दिया था कि तालेबान से मास्को के संबंध नहीं हैं। तालेबान नेता के बयान का एक और महत्वपूर्ण बिंदु रूस की सीमाओं की सुरक्षा में रूस से तालेबान के सहयोग का मुद्दा है।

इससे पहले तक मास्को यह ज़ाहिर कर रहा था कि वह अपनी सीमाओं को सुरक्षित बनाने के लिए काबुल सरकार और तालेबान के बीच शांति प्रक्रिया को मज़बूत करना चाहता है।

अकबर आग़ा का बयान काबुल मास्को संबंधों में तनाव बढ़ाने के साथ ही वाशिंग्टन मास्को संबंधों को भी नुक़सान पहुंचा सकता है। इस बयान से यह भी इशारा मिलता है कि बड़ी शक्तियां अफ़ग़ानिस्तान में शांति की स्थापना में सहयोग करने से बढ़कर अपनी योजनाएं लागू करने में व्यस्त हैं।