चीन ने फिर अमेरिका को चेतावनी दी
पूर्वी चीन सागर के मामले में अमेरिका जापानी दृष्टिकोण का समर्थन करेगा। ट्रंप
चीन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया उस बयान पर प्रतिक्रिया दिखाई है और उसे रद्द कर दिया है जिसमें उन्होंने जापान के प्रधानमंत्री शिन्ज़ो आबे के साथ भेंट में कहा था कि वाशिंग्टन पूर्वी चीन सागर के संबंध में चीन के मुकाबले में टोक्यो के दृष्टिकोण का समर्थन करेगा।
चीन के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता किन्ग श्वांग ने बल देकर कहा है कि बीजींग जापान और अमेरिका के मध्य होने वाले द्विपक्षीय सुरक्षा समझौते को शीत युद्ध की उपज और पूर्वी चीन सागर के बारे में निर्णय लेने के संबंध में महत्वहीन समझता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दक्षिणी चीन सागर के द्वीपों का संबंध चीन से है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी हाल ही में जापान के प्रधानमंत्री शिन्ज़ो आबे के साथ वाशिंग्टन में होने वाली भेंटवार्ता में कहा था कि दोनों देशों के मध्य होने वाले सुरक्षा समझौते के आधार पर अमेरिका पूर्वी चीन सागर में स्थित द्वीपों के बारे में जापान के दृष्टिकोण का समर्थन करेगा।
चीन के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने बल देकर कहा है कि यह देश अपने अधीनस्थ क्षेत्रों की सुरक्षा में गम्भीर है और साथ ही उन्होंने कहा कि तनावों को हवा देना, क्षेत्र की अशांति व असुरक्षा का कारण बनेगा।
जापान के प्रधानमंत्री शिन्ज़ो आबे ने अपनी हालिया अमेरिका यात्रा के दौरान इस देश में 150 अरब डॉलर निवेश करने की बात की और साथ ही पूर्वी चीन सागर में स्थित द्वीपों के संबंध में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के समर्थन को बनाये रखने का प्रयास किया।
बहरहाल द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद अमेरिका और जापान के मध्य जो सुरक्षा समझौता हुआ था उसके आधार पर जापान की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी अमेरिका की है और जापान के पास सेना नहीं होगी।
इस समझौते की आड़ में अमेरिका क्षेत्र के मामलों में न केवल हस्तक्षेप का औचित्य दर्शाता है बल्कि उसका प्रयोग करके वह क्षेत्र की सुरक्षा को हवा देने की चेष्टा में है ताकि चीन के निकट अपनी सैनिक उपस्थिति को मजबूत कर सके। MM