एमनेस्टी इंटरनेश्नल की ओर से अमरीका व ब्रिटेन की आलोचना
अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेश्नल ने अमरीका व ब्रिटेन पर सऊदी अरब को हथियार बेच कर यमन में मानवाधिकार के ख़तरनाक हनन का आरोप लगाया है।
इस संस्था की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष लिन मअलूफ़ ने गुरुवार को लेबनान में कहा कि अमरीका व ब्रिटेन, सऊदी अरब को अरबों डाॅलर के हथियार बेच कर यमन में असैनिकों के लिए विध्वंसक संकट पैदा कर रहे हैं और इस प्रकार मानवधिकार का ख़तरनाक ढंग से हनन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमरीका व ब्रिटेन के इस क़दम से यमन संकट को रोकने की सभी मानवता प्रेमी कार्यवाहियों को बहुत अधिक क्षति पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि यमन पर सऊदी अरब के हमले शुरू होने के बाद से वाॅशिंग्टन और लंदन ने सऊदी अरब को कुल मिला कर पांच अरब डाॅलर के हथियार निर्यात किए हैं जिसके कारण यमन के तीस लाख आम नागिरकों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा है जबकि हज़ारों लोग मारे गए हैं।
एमनेस्टी इंटरनेश्नल की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष लिन मअलूफ़ ने कहा कि यमन पर सऊदी अरब के हमले के चलते इस देश में ज़रूरत की आरंभिक वस्तुओं का अभाव हो गया है और इस समय पौने दो करोड़ यमनी नागरिक अपनी आवश्यकता की आरंभिक वस्तुओं से वंचित हैं। ज्ञात रहे कि अमरीका, ब्रिटेन और फ़्रान्स ने अपनी हथियार कंपनियों की गतिविधियां जारी रखने और दसियों हज़ार कर्मचारियों के रोज़गार के लिए यमन में सऊदी अरब के अपराधों की ओर से आंखें मूंद रखी हैं और आले सऊद को अरबों डाॅलर के विध्वंसक हथियार बेच रहे हैं। (HN)