उत्तरी कोरिया की सामरिक शक्ति पर एक सरसरी नज़र
कोरिया प्रायद्वीप में हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं।
चीन ने भी चेतावनी दी है कि अमरीका और उत्तरी कोरिया के बीच जारी तनाव कभी भी गंभीर रूप धारण कर सकता है। उत्तरी कोरिया का कहना है कि वह अमरीका के हर हमले का जवाब बिल्कुल उसी के अंदाज़ में देगा।
आइए एक नज़र डालते हैं उत्तरी कोरिया की शक्ति पर जो बहुत छोटा सा देश होने के बावजूद अमरीका को तुर्की बतुर्की जवाब दे रहा है। उत्तरी कोरिया की विभिन्न क्षेत्रों की क्षमताओं के बारे में यह रिपोर्ट 2016 की है।
उत्तरी कोरिया कोरिया सैनिक शक्ति की दृष्टि से दुनिया का 25वां देश माना जाता है। शक्ति के इस मापदंड में 50 से अधिक कारकों को दृष्टिगत रखा गया है। इसमें ज़मीन, आसमान, समुद्र के भीतर तथा अर्थ व्यवस्था, संसाधन और भौगोलिक स्थिति जैसे कारक शामिल हैं।
इस रैंकिंग में अमरीका पहले स्थान पर है जबकि रूस दूसरे नंबर पर है।
उत्तरी कोरिया की आबादी 2 करोड़ 5 लाख 98 हज़ार 324 है।
थल सेना की शक्ति
इस देश के पास 2004 टैंक, 1004 बक्तरबंद गाड़ियां, 2502 आत्मघाती टैंक, मोबाइल तोपख़ाने 3004 और विभिन्न प्रकार के मिसाइल लांचिंग पैड 4002 हैं।
वायु सेना की शक्ति
कुल युद्धक वायुयान 944 हैं। परिवहन विमान 100 हैं, प्रशिक्षण विमान 169 हैं। हेलीकाप्टर 202 हैं। युद्धक हेलीकाप्टर 20 हैं।
नौसेना की शक्ति
उत्तरी कोरिया के पास विभिन्न प्रकार के और विभिन्न सैनिक उद्देश्यों के लिए प्रयोग होने वाले 967 जलयान हैं। इस देश ने अपनी नौसेना को 70 पनडुब्बियों से लैस कर रखा है। तट रक्षा नौकाओं की संख्या 211 है और 23 समुद्री बारूदी सुरंगे भी हैं।
उत्तरी कोरिया को भारी मात्रा में ऊर्जा की ज़रूरत पड़ती है और वह रोज़ाना लगभग 15 हज़ार बैरल तेल का प्रयोग करता है जबकि उसके पास पुष्ट तेल भंडार नहीं है अतः उसे अन्य देशों से अपनी ज़रूरत का तेल ख़रीदना होता है।
उत्तरी कोरिया के पास 8 महत्वपूर्ण बंदरगाहें हैं और 82 एयरपोर्ट हैं।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इस रिपोर्ट में उत्तरी कोरिया के परमाणु बमों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है जबकि परमाणु बम ही अमरीका के लिए गहरी चिंता का विषय हैं।
साभार अस्रे ईरान