अमरीकी युद्धोन्माद व टीएचएएडी के ख़िलाफ़ कोरियाई जनता का प्रदर्शन
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दक्षिण कोरिया में जनता ने एक बार फिर अमरीकी युद्धोन्माद के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते हुए इस देश में अमरीकी मीज़ाईल सिस्टम टीएचएएडी को हटाने की मांग दोहरायी।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May २९, २०१७ १३:१८ Asia/Kolkata
  • 27 फ़रवरी 2017 को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में टीएचएएडी सिस्टम के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करते कोरियाई नागरिक (एएफ़पी के सौजन्य से)
    27 फ़रवरी 2017 को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में टीएचएएडी सिस्टम के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करते कोरियाई नागरिक (एएफ़पी के सौजन्य से)

दक्षिण कोरिया में जनता ने एक बार फिर अमरीकी युद्धोन्माद के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते हुए इस देश में अमरीकी मीज़ाईल सिस्टम टीएचएएडी को हटाने की मांग दोहरायी।

इरना के अनुसार, दक्षिण कोरिया की जनता ने ऐसी हालत में अमरीकी युद्धोन्माद के ख़िलाफ़ आवाज़ उठायी कि कुछ दिन से सैकड़ों की संख्या में कोरियाई नागरिक राजधानी सियोल से 300 किलोमीटर सुएंगजू इलाक़े में धरना प्रदर्शन पर बैठे हैं। सुएंगजू वह इलाक़ा है जहां अमरीका ने टीएचएएडी मीज़ाईल तंत्र लगा रखा है।

कोरियाई जनता ने रविवार और आज सोमवार को भी राजधानी सिओल में प्रदर्शन थाड मीज़ाईल तंत्र को हटाने की मांग दोहरायी।

ताज़ा सर्वे के अनुसार, 56 फ़ीसद कोरियाई नागरिक चाहते हैं कि संसद और सरकार थाड मीज़ाईल तंत्र की तैनाती पर पुनर्विचार और इसे हटाने के बारे में फ़ैसला करे।

चीन और रूस भी थाड मीज़ाईल तंत्र की तैनाती के ख़िलाफ़ हैं। इन दोनों देशों का कहना है कि इस तंत्र को इस तरह डीज़ाइन किया गया है कि इसके रडार के ज़रिए दोनों देशों की मीज़ाईल से जुड़ी जानकारियां इकट्ठा की जा सकती हैं। (MAQ/N)