देशों को आपसी मतभेद वार्ता द्वारा हल करना चाहिएः चीन
चीन के विदेशमंत्रालय ने कहा है कि रूस, ईरान और उत्तरी कोरिया के विरुद्ध वाशिंग्टन के एक पक्षीय प्रतिबंद्ध का बीजिंग विरोधी है।
बीजिंग से फ़्रांस प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार चीन के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने शुक्रवार को रूस, ईरान और उत्तरी कोरिया के विरुद्ध अमरीका के एक पक्षीय प्रतिबंद्ध का विरोध करते हुए कहा कि बीजिंग का मानना है कि देशों के बीच मतभेदों को वार्ता द्वारा हल किया जाना चाहिए। लू कांग ने कहा कि चीन हर उस कार्यवाही का विरोधी है जो देशों के हितों को नुक़सान पहुंचाए।
अमेरिकी प्रतिनिधिसभा ने तेहरान, मॉस्को और उत्तरी कोरिया के संबंध में वाशिंग्टन के शत्रुतापूर्ण रवइये को जारी रखते हुए ईरान, उत्तरी कोरिया और रूस के खिलाफ प्रतिबंध के नये प्रस्ताव को पारित कर दिया। इस प्रस्ताव के पक्ष में 419 जबकि विरोध में तीन वोट पड़े।
इससे पहले इस प्रस्ताव के मसौदे को अमेरिकी कांग्रेस ने पारित कर दिया था। यह प्रस्ताव परमाणु समझौता का सीधा उल्लंघन है। यह प्रस्ताव सीनेट में 98 वोटों से पास हो गया।
इस प्रस्ताव पर अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के हस्ताक्षर होना बाक़ी हैं। इस प्रस्ताव से रूस के विरुद्ध वित्तीय जुर्माना लागू होगा। इस प्रस्ताव से ईरान के मीज़ाइल कार्यक्रम और उत्तरी कोरिया की जहाज़रानी के उद्योग को निशाना बनाया गया है।
अमेरिकी अधिकारी जो दावा करते हैं उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार ईरान की प्रक्षेपास्त्रिक और प्रतिरोधक क्षमता का संबंध किसी प्रकार परमाणु वार्ता से नहीं है और न ही वह परमाणु समझौते का उल्लंघन है। (AK)