रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में यूएन सामने आया, कार्यवाही की संभावना
https://parstoday.ir/hi/news/world-i48621-रोहिंग्या_मुसलमानों_के_समर्थन_में_यूएन_सामने_आया_कार्यवाही_की_संभावना
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों को नागरिकता देने की मांग की है। म्यांमार की सरकार लगभग 10 लाख रोहिंग्या मुसलमानों को ग़ैर क़ानूनी पलायनकर्ता मानते हुए उन्हें किसी प्रकार का नागरिक अधिकार नहीं देती।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Sep ०६, २०१७ ०१:४४ Asia/Kolkata
  • रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में यूएन सामने आया, कार्यवाही की संभावना

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों को नागरिकता देने की मांग की है। म्यांमार की सरकार लगभग 10 लाख रोहिंग्या मुसलमानों को ग़ैर क़ानूनी पलायनकर्ता मानते हुए उन्हें किसी प्रकार का नागरिक अधिकार नहीं देती।

रोयटर्ज़ के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार को न्यूयॉर्क में यूएन के मुख्यालय में बल दिया, “म्यांमार के मुसलमानों को राख़ीन राज्य में नागरिकता दी जाए या ऐसा क़ानून बने जिससे वे सामान्य ज़िन्दगी जी सकें।”

उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि म्यांमार की सरकार को चाहिए कि रोहिंग्या मुसलमानों के लिए सामान्य जीवन की व्यवस्था मुहैया करे, बल दिया कि इस देश के अल्पसंख्यकों को शिक्षा की प्राप्ति और आज़ाद बाज़ार तक पहुंच हासिल होनी चाहिए।

एंटोनियो गुटेरेस ने म्यांमार में मुसलमानों के सिर पर जातीय सफ़ाए के मंडरा रहे ख़तरे की ओर से सचेत करते हुए इस देश की सरकार से ऐसी हिंसा के अंत की मांग की जो क्षेत्र को अस्थिर कर सकती है।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को उन्होंने एक ख़त में म्यांमार के हालात पर चिंता जतायी और इस देश में हिंसा को ख़त्म करने के लिए कार्यवाही का सुझाव दिया है।

एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि जो मुसलमान म्यांमार से बंग्लादेश फ़रार कर रहे हैं उनमें कुछ की रास्ते में ही मौत हो जाती है और यह चिंता का विषय है।

ग़ौरतलब है कि म्यांमार के राख़ीन राज्य में रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ जबसे हिंसा की लहर भड़की है, उस समय से हज़ारों की संख्या में म्यांमार के मुसलमान बंग्लादेश फ़रार करने पर मजबूर हुए हैं। (MAQ/N)