आन सान सूची नोबेल पुरस्कार वापस करेंः आईएसईएससीओ
इस्लामी सहयोग संगठन की सांस्कृतिक संस्था isesco ने सरकार की सलाहकार से नोबेल पुरस्कार वापस करने की मांग की है।
आईएसईएससीओ, इस्लामिक एजुकेश्नल साइंटिफिक एंड कल्चरल आॅरगनाइज़ेशन ने म्यांमार सरकार की सलाहकार आन सान सूची से मांग की है कि वे शांति के नोबल पुरस्कार को वापस करे दें।
इस्लामी सहयोग संगठन की इस सांस्कृतिक संस्था का मानना है कि सूची को अब शांति का नोबल पुरस्कार रखने का कोई अधिकार नहीं है। इस संस्था के अनुसार म्यांमार की वह सरकार रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध खुलकर अत्याचार कर रही है जिसकी वे वरिष्ठ सलाहकार हैं।आईएसईएससीओ, के बयान में आया है कि शांति के नोबल पुरस्कार तथा सूची के क्रियाकलापों में खुला विरोधाभास पाया जाता है।
बयान में विश्व समुदाय से मांग की गई है कि वह म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध किये जाने वाले अत्याचारों को तत्काल रुकवाने के लिए क़दम उठाए। ज्ञात रहे कि 1991 में आन सान सूची को शांति का नोबल पुरस्कार दिया गया था। वर्तमान समय में वे म्यांमार की सरकार में वरिष्ठ पद पर आसीन है और रोहिंग्या मुसलमानों पर ढाए जाने वाले अत्याचारों पर उन्होंने अपनी आंखें बंद कर रखी हैं जिसपर सूची की हर ओर आलोचना हो रही है।