राष्ट्रसंघ ने की रोहिंग्या संकट की स्वतंत्र जांच की मांग
संयुक्त राष्ट्रसंघ की मानवाधिकार परिषद ने रोहिंग्या संकट की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है।
राष्ट्रसंघ की मानवाधिकार परिषद ने म्यांमार सरकार से मांग की है कि वह उसके सदस्यों को बिना की शर्त के म्यांमार आने की अनुमति दें ताकि रोहिंग्या संकट की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की जा सके।
इस परिषद का कहना है कि यह बहुत महत्व रखता है कि राष्ट्रसंघ के सदस्य, म्यांमार के भीतर बिना किसी रुकावट के स्वतंत्र ढंग से उन क्षेत्रों का निरीक्षण करें जहां से हिंसा के समाचार मिले हैं। परिषद के अनुसार रोहिंग्या संकट इतना गंभीर रूप धारण कर चुका है कि इसको तत्काल हल किया जाए।
म्यांमार की सरकार अबतब राष्ट्रसंघ का समर्थन प्राप्त तथ्यपरक समिति को रोहिंग्या संकट की स्वतंत्र जांच की अनुमति से आनाकानी करती रही है।
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बहुत से जानकारों का कहना है कि रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध म्यांमार में किये जाने वाले उन अत्याचारों की स्वतंत्र जांच में म्यांमार का सहयोग न करना शंका को बढ़ाता है जिनके बारे में यह कहा जा रहा है कि वे सुनियोजित ढंग से किये जा रहे हैं।
ज्ञात रहे कि म्यांमार के राख़ीन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध किये जा रहे सुनियोजित अत्याचारों में 4000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।