"ओबामा का गधा और मुफ्त की सवारी "
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सऊदी अरब के प्रसिद्ध अखबार ओकाज़ ने "ओबामा का गधा और मुफ्त की सवारी " शीर्षक के अंतर्गत अपने लेख में अमरीकी राष्ट्रपति बाराक ओबामा और उनकी पार्टी की कड़ी आलोचना करते हुए लिखा है कि सऊदी अरब की बड़ी इच्छा है कि इस बार राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की जीत हो।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Mar १६, २०१६ २२:५५ Asia/Kolkata

सऊदी अरब के प्रसिद्ध अखबार ओकाज़ ने "ओबामा का गधा और मुफ्त की सवारी " शीर्षक के अंतर्गत अपने लेख में अमरीकी राष्ट्रपति बाराक ओबामा और उनकी पार्टी की कड़ी आलोचना करते हुए लिखा है कि सऊदी अरब की बड़ी इच्छा है कि इस बार राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की जीत हो।

दरअस्ल हालिया दिनों में अमरीकी राष्ट्रपति बाराक ओबामा ने अपने एक साक्षात्कार में सऊदी अरब को जम कर लताड़ा है और ईरान की तारीफ की है जिससे अमरीका का हमेशा साथ देने वाले सऊदी अरब को काफी धचका लगा है।

सऊदी अरब के समाचार पत्र ओकाज़ ने लिखा है कि अगर अमरीका में रिपब्लिकन पार्टी की जीत होती है तो अमरीका, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर थानेदार की भूमिका निभाने और उन शक्तियों पर दबाव डालने में अधिक रूचि दिखाएगा जो विश्व शांति को खतरे में डालती हैं और इसी प्रकार विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में वह अपनी सेना भी भेजने पर तैयार रहेगा।

ओकाज़ ने लिखा है कि अगर ओबामा जैसा "कमज़ोर" राष्ट्रपति न होता तो सीरिया पर ज़मीनी हमला हो जाता।

सऊदी अरब के समाचार पत्र ओकाज़ ने ईरान के बारे में ओबामा की नीतियों और परमाणु समझौते पर अपना आक्रोश प्रकट करते हुए लिखा है कि बुश की पार्टी से राष्ट्रपति बेहतर होगा क्योंकि ईरान के खिलाफ बुश की नीतियां सराहनीय थीं।

ओकाज़ ने लिखा है कि सऊदी अरब ने कई दशकों के दौरान अमरीका की बहुत सेवा की है और इसी प्रकार वह क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ युद्ध का " केन्द्र " है इस लिए अगर अमरीका में डेमोक्रेटों की सरकार आती है तो उन्हें सऊदी अरब के बारे में फैसला करने से पहले सोचना होगा और अगर रिपब्लिकन की सरकार बनती है तो इसमें तो कोई शक नहीं कि हाथी (रिपब्लिकन पार्टी का चुनाव चिन्ह ) किसी भी दशा में अमरीका के 44 वें राष्ट्रपति के गधे ( डेमोक्रेटिक पार्टी का चिन्ह ) की तरह सवारी के मज़े नहीं देगी।

याद रहे सीरिया और कई अन्य मामलों पर अमरीका ने सऊदी अरब का साथ छोड़ दिया जिसके बाद सऊदी अरब के शासक अमरीका से काफी नाराज़ हैं और कुछ टीकाकारों का यह भी कहना है कि अमरीका के लिए सऊदी अरब के शाही खान्दान की उपयोगिता ख़त्म हो चुकी है। (Q.A.)