म्यांमार, रोहिंग्या मुसलमानों का जनसंहार जारी, क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के जनसंहार के बारे में क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय चेतावनियों के बावजूद मीडिया ने क्षेत्र में मुसलमानों का जनसंहार जारी रखने की बात कही है।
अल आलम टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार म्यांमार की सेना और बौद्ध चरमपंथियों ने रोहिंग्या मुसलमानों का जनसंहार जारी रखा हुआ है और बांग्लादेश की ओर उनके पलायन की प्रक्रिया में दिन प्रतिदिन वृद्धि हो रही है।
बांग्लादेश की स्थानीय संस्थाओं ने रोहिंग्या पलायनकर्ताओं के कैंप में महिलाओं और बच्चों के बीच कुपोषण और विभिन्न प्रकार की बीमारियों के फैलने की सूचना दी है।
बंग्लादेश के अधिकारियों का कहना है कि आठ लाख से अधिक पलायनकर्ताओं को शरण देने के लिए, पलायनकर्ताओं के एक विशेष स्थल को बनाने की आवश्यकता पड़ेगी।
अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने भी रोहिंग्या मुसलमानों के जनसंहार और उनके व्यापक पलायन पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। यह अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं अभी तक एक प्रकार का मौन धारण किए हुए थीं।
रोइटर्ज़ ने रिपोर्ट दी है कि संयुक्त राष्ट्र संघ के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि म्यांमार से बांग्लादेश की ओर रोहिंग्या मुसलमानों के फ़रार का क्रम अभी रुका नहीं है और अब भी लाखों की संख्या में मुसलमान म्यांमार में बाक़ी रह गये हैं और वह इस देश से सुरक्षित निलकलने का प्रयास कर रहे हैं।
इसी मध्य बांग्लादेश के उप विदेश सचिव मुहम्मद शहीद ने भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर से नई दिल्ली में मुलाक़ात में रोहिंग्या मुसलमानों की सुरक्षा और उनकी दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
इस मुलाक़ात में भारतीय उप विदेश सचिव ने कहा कि नई दिल्ली रोहिंग्या शरणार्थियों की सहायता के लिए दवाएं, खाद्य पदार्थ सहित आवश्यकता की अन्य वस्तुएं बांग्लादेश भेजेगा। (AK