अमेरिका के स्ट्रेटेजिक अड्डे, हमारा पहला लक्ष्य होगा: उत्तरी कोरिया
उत्तरी कोरिया ने अमेरिका की ताज़ा धमकियों का जवाब देते हुए कहा है कि प्योंग यांग का पहला लक्ष्य अमेरिका के स्ट्रेटजिक अड्डे होंगे।
उत्तरी कोरिया ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की धमकियों का जवाब देते हुए कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे प्योंग यांग का पहला लक्ष्य होंगे और प्रशांत महासागर तथा अमेरिकी उप-महाद्वीपों के इलाक़ों में मौजूद अमेरिका की सैन्य छावनियों और सैन्य बेसों पर उत्तरी कोरिया ऐसा विनाशकारी हमला करेगा कि अमेरिका की सैन्य शक्ति तबाह हो जाएगी।
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने शनिवार को एक बयान में कहा था कि उत्तरी कोरिया के साथ वार्ता का रास्ता बंद हो जाने के बाद केवल एक ही रास्ता बचेगा और वह सैन्य हमला है।
इस बीच, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में, डेमोक्रेटिक सदस्य ने कहा है कि कोरियाई प्रायद्वीप में जारी संकट समाप्त हो सकता है लेकिन उसके लिए एक शर्त है और वह यह है कि ट्रम्प, लगातार जो धमकियां दे रहे हैं वह बंद करके अपने राष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दे दें।
अमेरिका के प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रटिक पार्टी के प्रतिनिधि ट्रेड लियो ने अपने ट्विटर पेज पर राष्ट्रपति ट्रम्प को संबोधित करते हुए लिखा है कि अमेरिकी सेना के अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि उत्तरी कोरिया के संकट को सैन्य तरीक़े से हल नहीं किया जा सकता है।
दूसरी ओर ट्रम्प ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा है कि पिछले 25 वर्षों से, अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने उत्तर कोरिया के साथ बातचीत और केवल बातचीत ही की है और उन्होंने इसके लिए बहुत पैसा बर्बाद किया है। ट्रम्प ने यह भी कहा है कि इस रणनीति से कोई प्रभाव नहीं पड़ा है और स्याही सूखने से पहले समझौते की स्याही का उल्लंघन किया गया है, इसलिए केवल एक चीज़ अब प्रभावी होगी और वह प्योंग यांग पर सैन्य हमला है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प की युद्धान्मादी और हिंसक नीतियों के कारण, अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच दिन प्रतिदिन तनाव बढ़ रहा है। ज्ञात रहे कि ट्रम्प ने राष्ट्रपति बनने के बाद से कई बार उत्तरी कोरिया को सैन्य हमले की धमकी दी है। (RZ)