ट्रम्प की जेसीपीओए विरोधी कार्यवाही ग़लती थीः अमरीकी थिंकटैंक
एक अमरीकी थिंकटैंक ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प द्वारा जेसीपीओए पर ईरान की प्रतिबद्धता की पुष्टि न किए जाने को ग़लती बताया है।
फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार अमरीकी थिंकटैंक ओशियन काउंसिल के प्रमुख जेराल्ड डी ग्रीन ने कहा कि कुछ लोग यह ग़लत सोच रखते हैं कि जेसीपीओए ईरान की राजनीति के समस्त आयामों को शामिल करेगा जबकि यह समझौता केवल ईरान की परमाणु क्षमता पर ही केन्द्रित है।
ग्रीन ने कहा कि इस बात को समझना बहुत आवश्यक है कि जेसीपीओए को बनाने वाले कौन कौन से देश हैं।
अंतर्राष्ट्रीय मामलों के इस विशेषज्ञ का कहना है कि जेसीपीओए पर ईरान की प्रतिबद्धता की पुष्टि न करने के ट्रम्प के फ़ैसले से अमरीका इस समझौते को कमज़ोर करना चाहता है जो इसके सहयोग और बहुत अधिक कठिनाईयों से प्राप्त हुआ है।
ज्ञात रहे कि अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने 13 अक्तूबर शुक्रवार की रात अपने घिसे पिटे बयान में ईरान द्वारा संयुक्त समग्र कार्य योजना जेसीपीओए की पुष्टि नहीं की। वाइट हाऊस ने शुक्रवार को ईरान और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की नई और तथाकथित व्यापक रणनीति जारी की और उसके कुछ देर बाद अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने अपने बयान में ईरान पर जेसीपीओए के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा है कि जेसीपीओए अमरीकी इतिहास का सबसे बुरा समझौता है और जब भी आवश्यक समझेंगे इस समझौते को तोड़ देंगे।
डोनल्ड ट्रम्प ने इसी प्रकार ईरान पर नये प्रतिबंध लगाने की भी सूचना दी थी। (AK)