आतंकवादी हमले के बाद अमेरिका में मुसलमानों पर बढ़े हमले
न्यूयॉर्क में 31 अक्टूबर को हुए आतंकवादी हमले के बाद इस देश के मुसलमानों को कट्टरपंथियों की ओर से हमले का निशाना बनाया जा रहा है।
प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार 31 अक्तूबर 2017 को न्यूयॉर्क शहर में हुए आतंकवादी हमले के बाद, एक बार फिर इस देश के कट्टरपंथी गुटों ने मुसलमानों के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार आरंभ कर दिया है साथ ही अमेरिका के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कई मस्जिदों और इस्लामी केंद्रों को अपने हमले का निशाना बनाया है।
न्यू जर्सी में सक्रीय एक इस्लामिक सेंटर “आईपीसीसी” को कई धमकी भरे वाइस मेल प्राप्त हुए हैं, इन धमकी भरे संदेशों में कहा गया कि जल्द ही हम मस्जिद को धमाके से उड़ा देंगे या आग लगाकर जला देंगे।
हालांकि यह एक सच्चाई है कि अमेरिका में रह रहे मुसलमानों और मुस्लिम संगठनों का इस तरह के आतंकवादी हमलों से कोई संबंध नहीं है, लेकिन उन्हें इस तरह के हर आतंकी हमले के बाद ऐसी धमकियों का सामना करना पड़ता है। यह पहली बार नहीं है कि किसी आतंकी हमले के बाद अमेरिका में रह रहे मुसलमानों को धमकियां मिल रही हैं।
उल्लेखनीय है कि अभी हाल के ही दिनों में अमेरिका के शहर लास वेगास में एक म्यूज़िक कॉन्सर्ट के दौरान हुई गोलीबारी में 58 लोग मारे गए और लगभग 500 लोग घायल हुए थे। इस घटना को अंजाम देने वाले व्यक्ति को आतंकवादी नहीं कहा गया बल्कि अमेरिकी पुलिस ने उस व्यक्ति का बचाव करते हुए कहा कि उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। टीकाकारों का कहना है कि अगर लास वेगास में गोलीबारी करने वाला व्यक्ति गोरा न होकर मुसलमान होता तो उसे अवश्य ही आतंकवादी कहा जाता। (RZ)