तीन दाइशियों से विवाह करने वाली फ़्रांसीसी महिला की आपबीती!!!
आतंकवादी गुट दाइश में शामिल फ़्रांस की 27 वर्षीय महिला ने दाइशी से शादी करने पर खेद व्यक्त किया है।
मारगो कहती हैं कि मुझे यह शादियां करने पर अफ़सोस है, मैं चाहती थी कि जीवन शांतिपूर्ण हो और एक व्यक्ति से शादी करूं और मेरे बच्चे एक पति से हों।
यूरो न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार फ़्रांस की 27 वर्षीय महिला मारगो, जिसके अब तीन बच्चे हैं, रक़्क़ा में दाइश की तथाकथित ख़िलाफ़त के मुख्यालय से गिरफ़्तार किया गया, अब फ़्रांस वापस जाने की तैयारी में है। मारगो को रक़्क़ा शहर को स्वतंत्र कराने के दौरान सीरियन डेमोक्रेटिक सेना ने गिरफ़्तार किया और अब वह सीरिया के उत्तर में कुर्द लड़ाकों की हिरासत में हैं।
मारगो ने फ़्रांसीसी पत्रकार से बात करते हुए कहा कि वह रक़्क़ा में काफ़ी समय से क़ैद रही क्योंकि दाइशियों के अनुसार एक अकेली महिला को एक ऐसी जगह क़ैद रखना चाहिए जो इस प्रकार की महिलाओं के लिए विशेष हो।
मारगो चार साल दाइश के आतंकियों के बीच रहीं और एक फ़्रांसीसी आतंकवादी के साथ सीरिया में विवाह किया, उनका कहना था कि पति के मरने के बाद मैंने व्यक्तियों से विवाह किया जो युद्ध में मारे गये।
मारगो ने कहा कि मुझे शादियां करने पर अफ़सोस है, मैं चाहती थी कि मैं सुख चैन से जीवन व्यतीत करूं, एक व्यक्ति से विवाह करूं और मेरे बच्चे भी एक ही पति से हों, मैं मुस्लिम देश में शांतिपूर्ण जीवन बिताने की कामना कर रही थी। मारगो का कहना था कि यदि वह सीरिया में और रही तो वह मर जाएगी। मारगो ने कहा कि मैंने दाइश के क़ब्ज़े से फ़रार होने का फ़ैसला किया किन्तु यह बहुत ही ख़तरनाक था। उन्होंने कहा कि दाइश के आतंकी भागने वाले पर फ़ायरिंग शुरु कर देते हैं और वह महिलाएं जो भागने के प्रयास में रहती थीं, ख़बर होते ही उन्हें गिरफ़्तार कर लिया जाता था।
मारगो अब फ़्रांस जाने और जेल में रहने को तैयार हैं। वह फ़्रांस के राष्ट्रपति से चाहती हैं कि उसके बच्चों को फ़्रांस वापसी की अनुमति मिल जाए।
मारगो कहती हैं कि मुझे फ़्रांस के राष्ट्रपति तक का नाम पता नहीं है, जिस समय मैं रक़्क़ा में क़ैद थीं, उस समय ओलांद फ़्रांस के राष्ट्रपति थे और उसके बाद मुझे कुछ भी पता नहीं कि फ़्रांस में क्या हुआ। दाइश ने जब सीरिया और इराक़ में हमले आरंभ किए तो अनेक फ़्रांसीसी नागरिक भी इस गुट में शामिल हो गये और अब वह इस गुट के बिखरने और कमज़ोर होने के बाद अपने देश लौटना चाहते हैं।
फ़्रांस के बीस से अधिक परिवार ने राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रोन को पत्र लिखा है कि मारगो और उसके बच्चों को जो दाइश में शामिल होने के बाद अब पछता रहे हैं, फ़्रांस आने की अनुमति दी जाए और फ़्रांस की अदालत में उन पर केस चलाया जाए। (ak)