पश्चिमी देशों में दाइश का ख़तरा गम्भीर हैः पश्चिमी राजनेता
वर्ष 2013 से अब तक फ्रांस में 10 आतंकवादी हमले हो चुके हैं जिसमें दसियों व्यक्ति हताहत और सैकड़ों घायल हो चुके हैं।
फ्रांस के विदेशमंत्री ने अपने अलजीरियाई समकक्ष के साथ मुलाकात में सीरिया और इराक में आतंकवादी गुट दाइश की पराजय पर सकारात्मक प्रतिक्रिया जताई और बल देकर कहा है कि इस मामले के नकारात्मक परिणाम भी हैं। क्योंकि दाइश के तत्व धीरे- धीरे अपने-2 देशों को लौट रहे हैं।
फ्रांस की आंतरिक सुरक्षा कार्यालय के प्रमुख लोरान नूने भी कहा है कि आतंकवादी गुट दाइश की इराक और सीरिया में पराजय के बावजूद इस देश में उसका ख़तरा पूर्ण गम्भीर है। ज्ञात रहे कि वर्ष 2013 से अब तक फ्रांस में 10 आतंकवादी हमले हो चुके हैं जिसमें दसियों व्यक्ति हताहत और सैकड़ों घायल हो चुके हैं।
न्यूयार्क में सुरक्षा अध्ययन और आतंकवाद से मुकाबला करने वाले केन्द्र की रिपोर्ट के अनुसार इराक और सीरिया में पराजित होने के बाद दाइश के लगभग 5600 तत्व अपने- अपने देशों में वापस लौटने के प्रयास में हैं जिससे इन देशों की सुरक्षा के लिए गम्भीर चुनौती उत्पन्न हो गयी है।
पश्चिम की सुरक्षा एजेन्सियों ने इराक और सीरिया से लौटने वाले दाइश के तत्वों का नया गठबंधन बनने के बारे में बारमबार चेतावनी दी है। ये आतंकवादी वाहनों और चाकूओं आदि का प्रयोग करके लोगों पर हमला करते हैं जिसके कारण उन्हें नियंत्रित कर पाना कठिन हो गया है और यह विषय पश्चिम के सुरक्षा तंत्रों के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन गया है।
आतंकवाद विरोधी एक विशेषज्ञ एन्ड्री याशलाफ्सकी कहते हैं" संभव है कि इस प्रकार के हमलों में कम लोग मारे जायें परंतु इससे विस्तृत पैमाने पर समाज में असंतोष व्याप्त है और आतंकवादियों का यही लक्ष्य है।
पश्चिम ने तकफीरी आतंकवादियों का जो समर्थन किया है अमेरिका और यूरोप में इन आतंकवादियों की उपस्थिति से उसके दुष्परिणाम अभी से दिखाई देने लगे हैं।
पश्चिम के राजनीतिक और सुरक्षा अधिकारी दाइश के खतरे को गम्भीर बता रहे हैं। इसका अर्थ पश्चिमी देशों में सुरक्षा की सतह का कम होना है।
फ्रांस सीरिया में आतंकवादी गुटों का एक मुख्य समर्थक है पर अब वही आतंकवादियों का निशाना बन गया है। वर्ष 2013 से अब तक फ्रांस में होने वाले आतंकवादी हमलों को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। MM