अमरीका ने " बैतुल मुक़द्दस " प्रस्ताव को वीटो किया
अमरीका ने सुरक्षा परिषद के 14 सदस्यों की ओर से समर्थन के बाजवूद मिस्र से उस प्रस्ताव को वीटो कर दिया है जो उसने बैतुल मुक़दद्स के बारे में पेश किया था ।
मिस्र के इस प्रस्ताव के मसौदे में कहा गया था कि पवित्र नगर बैतुल मुक़द्दस की पहचान, यथास्थिति और जनसंख्या के संतुलन को बदलने के लिए किये जाने हर काम और फैसले की कोई क़ानूनी हैसियत नहीं होनी चाहिए और संयुक्त राष्ट्र संघ के संबंधित प्रस्तावों के अनुसार उन्हें निरस्त किया जाना चाहिए।
इस मसौदे में इसी प्रकार सभी देशों से मांग की गयी थी कि वह सुरक्षा परिषद के क्रमांक 478 के अनुसार बैतुल मुक़द्दस में दूतावास खोलने से बचें और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का पालन करते हुए कोई भी एेसा काम न करें जो इन प्रस्तावों के विपरीत हो ।
मिस्र ने इस प्रस्ताव का मसौदा शनिवार को सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्यों को दे दिया था जिसके बाद सुरक्षा परिषद ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सोमवार की रात एक बैठक का आयोजन किया।
इस से पहले सदस्य देशों ने अमरीका से मांग की थी कि वह बैतुल मुक़द्दस के बारे में सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का सम्मान करे किंतु अमरीका ने सभी नियमों की अनदेखी करते हुए इस प्रस्ताव को वीटो कर दिया।
बैतुलमुक़द्दस प्रस्ताव को वीटो करने पर ईरान ने अमरीका की कड़ी आलोचना की ।
याद रहे अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक गैर क़ानूनी क़दम उठाते हुए एेलान किया है कि अमरीका बैतुल मुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी समझेगा और अपना दूतावास इस नगर में स्थानान्तरित करेगा।
ट्रम्प के इस फैसले की पूरी दुनिया में आलोचना हो रही है।
संयुक्त राष्ट्र संघ बैतुल मुक़द्दस पर इस्राईल के क़ब्ज़े को अवैध मानता है और इस संदर्भ में सुरक्षा परिषद के कई प्रस्ताव भी पारित हो चुके हैं। (Q.A.)