राष्ट्रसंघ ने परमाणु समझौते के समर्थन पर बल दिया
राष्ट्रसंघ के महासचिव के प्रवक्ता ने कहा कि परमाणु समझौता एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है और एकपक्षीय रूप से उससे नहीं निकला जा सकता।
संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव के प्रवक्ता स्टिफ़ेन डोजैरिक ने ईरान और गुट पांच धन के मध्य होने वाले परमाणु समझौते के बारे में इस संघ के दृष्टिकोण को बहुत स्पष्ट बताया और कहा कि समस्त पक्षों को चाहिये कि इस समझौते के जारी रहने के लिए वे इसकी सहायता करें।
उन्होंने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेन्स में परमाणु समझौते के संभावित उल्लंघन के बारे में चेतावनी दी और कहा कि राष्ट्रसंघ के महासचिव के अनुसार परमाणु समझौता पिछले वर्षों की एक महत्वपूर्ण कूटनयिक उपलब्धि है और समस्त संबंधित पक्षों को चाहिये कि इसे जारी रहने के लिए जो भी कर सकते हैं करें।
राष्ट्रसंघ के महासचिव के प्रवक्ता ने कहा कि परमाणु समझौता एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है और एकपक्षीय रूप से उससे नहीं निकला जा सकता।
ज्ञात रहे कि ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रमुख अली अकबर सालेही ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी के महानिदेश यूकिया अमानो से टेलीफ़ोनी वार्ता में अमरीकी सरकार की ओर से परमाणु समझौते के संभावित उल्लंघन की ओर से सचेत किया था।
इस टेलीफोनी वार्ता में अली अकबर सालेही ने बल दिया था कि अमरीका की ओर से परमाणु समझौते पर अमल न किए जाने की स्थिति में ईरान भी एसा फ़ैसला करेगा जो ईरान और आईएईए के बीच वर्तमान सहयोग प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
जनवरी 2016 में ईरान और गुट पांच धन एक के बीच होने वाले समझौते पर क्रियान्वय के बाद से अमेरीकी सरकार ने इस समझौते के एक सदस्य के रूप में हमेशा इस समझौते का उल्लंघन किया है।
ईरानी अधिकारियों ने बारंबार बल दिया है कि तेहरान उस समय तक परमाणु समझौते पर प्रतिबद्ध रहेगा जब तक उससे उसे लाभ होगा और यदि समझौते से उसके हित पूरे नहीं होंगे तो उसके प्रति प्रतिबद्ध रहने की कोई वजह समझ में नहीं आती। MM