रोहिंग्या मुसलमानों का समर्थन अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ज़िम्मेदारी हैः इराकी विश्लेषक
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जो चीज़ आश्चर्य का कारण है वह म्यांमार के सैनिकों द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ किये जाने वाले अपराधों पर चुप्पी है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan १४, २०१८ १७:०४ Asia/Kolkata

जो चीज़ आश्चर्य का कारण है वह म्यांमार के सैनिकों द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ किये जाने वाले अपराधों पर चुप्पी है।

म्यांमार की विदेशमंत्री आंग सान सूची ने सेना की उस स्वीकारोक्ति को सरात्मक कदम बताया है जिसमें सेना ने कहा है कि रोहिंग्या मुसलमानों का नरसंहार उसने किया है।

म्यांमार की विदेशमंत्री के बयान का अर्थ यह है कि इस देश की सेना ने रोहिंग्या मुसलमानों का नरसंहार करने और राखीन प्रांत में उनकी ज़मीनों व घरों को हड़प लेने के लिए जो कार्यवाही की है वह सही है और इस संबंध में सेना की कार्यवाही समाप्त हो गयी है।

इसी प्रकार उनके बयान का अर्थ यह भी है कि रोहिंग्याई मुसलमानों को उनके पूर्वजों की भूमि से निकालने का म्यांमार की सेना, सरकार और अतिवादी बौद्धों के मध्य एक सुनियोजित कार्यक्रम था जबकि विश्व समुदाय को सूची से अपेक्षा यह थी कि वह मानवाधिकार की वकालत करेंगी और मुसलमानों के नरसंहार को रोकेंगी।

लंदन में एक राजनीतिक विश्लेषक रियाज़ करीम कहते हैं कि रोहिंग्या मुसलमानों का नस्ली सफाया सर्बेनित्सा के मुसलमानों के नस्ली सफाये की भांति है।

इस बीच जो चीज़ विश्व समुदाय के आश्चर्य का कारण है वह म्यांमार के सैनिकों द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ किये जाने वाले अपराधों पर चुप्पी है।

रोचक बात यह है कि विश्व स्तर पर रोहिंग्या मुसलमानों के दमन की खबरें प्रकाशित की गयीं परंतु उसे रोकने के लिए कोई गम्भीर कार्यवाही नहीं की गयी। कुछ राजनीतिक टीकाकारों का मानना है कि रोहिंग्याई मुसलमानों के नरसंहार के पीछे जायोनी शासन का हाथ है।

एक इराकी टीकाकार अबू एहसान ख़ाक़ानी कहते हैं कि रोहिंग्या मुसलमानों का समर्थन अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ज़िम्मेदारी है परंतु सुरक्षा परिषद सहित किसी भी संगठन व संस्था ने रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए कोई गम्भीर प्रयास नहीं किये हैं और वास्तव में व्यवहारिक रूप से अभी तक हमने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से कुछ नहीं देखा। क्योंकि मुसलमानों के नरसंहार से सबसे अधिक लाभ जायोनी शासन को पहुंचेगा। MM