हमारी सेना कमज़ोर पड़ती जा रही हैः ट्र्म्प
https://parstoday.ir/hi/news/world-i57045-हमारी_सेना_कमज़ोर_पड़ती_जा_रही_हैः_ट्र्म्प
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यह बात स्वीकार की है कि देश की सेना कमज़ोर हो रही है जिसे सशक्त बनाने की ज़रूरत है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb ०२, २०१८ ११:२३ Asia/Kolkata
  • हमारी सेना कमज़ोर पड़ती जा रही हैः ट्र्म्प

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यह बात स्वीकार की है कि देश की सेना कमज़ोर हो रही है जिसे सशक्त बनाने की ज़रूरत है।

डोनल्ड ट्रम्प ने इस बात को स्वीकार करते हुए कि अमरीकी सेना कमज़ोर हो चुकी है रक्षा मंत्रालय के लिए अधिक बजट की मांग की है।  ट्रम्प ने रिपब्लिकन नेताओं के बीच बोलते हुए कहा है कि विगत की तुलना में अमरीका की सेना कमज़ोर हुई है।  उन्होंने कहा कि देश की सेना के कमज़ोर होने का क्रम बराक ओबामा के शासन काल से भी पहले शुरू हो चुका था।  ट्रम्प ने कहा कि हमें बहुत ही सशक्त सेना की आवश्यकता है।  उन्होंने कहा कि जैसे विगत में हमारी सेना मज़बूत थी हमको भविष्य में उससे भी अधिक शक्तिशाली सेना की आवश्यकता है।

ट्रम्प का यह बयान एेसी स्थिति में सामने आया है कि जब वर्तमान वित्तीय साल में अमरीकी रक्षामंत्रालय पेंटागन के लिए 700 अरब डाॅलर विशेष किये गए हैं।  इस राशि को पिछले कई दशकों में अभूतपूर्व बताया जा रहा है।  इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है कि आगामी वित्तीय साल में पेंटागन के बजट में 20 अरब डाॅलर की वृद्धि होगी।  दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि दो वर्षों का अमरीकी सैन्य बजट लगभग डेढ ट्रिलियन डाॅलर होगा।  इतना सबकुछ होने के बावजूद ट्रम्प का कहना है कि अमरीकी सेना कमज़ोर होती जा रही है।

इस बात का अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि इराक़ की बासी सरकार को गिराने के लिए अमरीका को लगभग 20 दिनों का समय लगा था और इस दौरान लगभग 140 लोग मारे गए थे लेकिन इसी इराक़ में शांति स्थापित करने के लिए कई वर्षों का समय लगा जिसके दौरान हज़ारों लोग मारे गए।  उधर अमरीकी नेतृत्व वाले अरब-पश्चिमी गठबंधन  की ओर से सीरिया में सक्रिय आतंकवादी गुटों की हर संभव सहायता के बावजूद अमरीकी, सीरिया युद्ध को इस गठबंधन के हित में नहीं मोड़ सका।

एेसा ही कुछ पूर्वी एशिया में हो रहा है जहां पर उत्तरी कोरिया, अमरीका की शक्ति को पूरी तरह से अनदेखा करते हुए अपने मिसाइल कार्यक्रम को लगातार आगे बढ़ाता जा रहा है।  अब तो यह स्थिति हो गई है कि अमरीका, उत्तरी कोरिया के मिसाइलों की ज़द में आ चुका है।