ईरान परमाणु समझौते के प्रति वचनबद्ध हैः यूकिया अमानो
परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी के महानिदेशक यूकिया अमानो ने बल देकर कहा है कि एजेन्सी की ईरान में हर स्थान और हर जगह पर पहुंच है जहां उसे आवश्यकता होती है।
यूकिया अमानो ने निदेशक मंडल की बैठक में अपने बयान में कहा कि परमाणु ऊर्जा की एजेन्सी आईएईए पिछले दो वर्षों से संयुक्त समग्र कार्य योजना या परमाणु समझौते जेसीपीओए के बारे में ईरान के वचनों के पूर्ण क्रियान्वयन पर नज़र रखे हुए है और उसका सत्यापन कर रही है।
परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी के महानिदेशक यूकिया अमानो ने जेसीपीओए को विफल बनाने के लिए अमरीकी दबावों की ओर संकेत करते हुए कहा कि परमाणु समझौते की विफलता, परमाणु सत्यापन और बहुलतावाद की बहुत बड़ी पराजय होगी।
उनका कहना था कि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी आईएईए, पूरक प्रोटोकोल की परिधि में ईरान की ओर से घोषित परमाणु पदार्थ के प्रयोग में दिग्भ्रमिता न होने के बारे में अपने सत्यापन के क्रम को जारी रखेगी।
साथ ही अमानो ने कहा है कि वह अमेरिकी दृष्टिकोणों के बारे में बात नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि आईएईए के विशेषज्ञ तीन हज़ार दिनों तक ईरान में मौजूद थे और उन्होंने ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों का सूक्ष्म निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद परमाणु समझौते से जो पक्ष जो निष्कर्ष निकाले वह उसी से संबंधित है।
इसी बीच वाशिंग्टन में एक बार अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेन्स ने ईरान के खिलाफ निराधार दावा करते हुए कहा है कि अमेरिका अब दोबारा परमाणु समझौते की पुष्टि नहीं करेगा।
बहरहाल परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी अब तक अपनी नौ बार की रिपोर्टों में इस बात की पुष्टि कर चुकी है कि ईरान परमाणु समझौते के प्रति पूर्ण रूप से कटिबद्ध है। MM