विवादस्पद महिला अधिकारी ने संभाली सीआईए की कमान
अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने विदेश मंत्री पद से रेक्स टिलरसन को हटाने के बाद सीआईए प्रमुख माइक पोम्पियो को विदेश मंत्री का पद सौंपा है जबकि सीआईए की डिप्टी डायरेक्टर जीना हेस्पल को जासूसी की संस्था का डायरेक्टर नियुक्त कर दिया है।
जीना हेस्पल सीआईए की पहली महिला प्रमुख हैं। हेस्पल बहुत विवादित अधिकारी मानी जाती हैं वह वर्ष 2002 में अलक़ायदा के संदिग्ध आतंकियों को वाटर बोर्डिंग जैसी यातनाएं देकर अपराध क़बुलवाने वाली जेल चला रही थीं। सीआईए ने इस प्रकार की ख़ुफ़िया जेलें कई देशों में बना रखी हैं। हेस्पल थाइलैंड में सीआईए की ख़ुफ़िया जेल चलाती थीं।
अलग अलग देशों मे गुप्त स्थानों पर बनाई जाने वाली इन ख़ुफ़िया जेलों मं संदिग्धों के साथ बहुत भयानक बर्ताव किया जाता था। पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बाराक ओबामा ने इन ख़ुफ़िया जेलों को बंद करने का आदेश दिया था मगर वर्तमान राष्ट्रपति ट्रम्प संदिग्धों को यातनाएं दिए जाने के पक्ष में हैं।
61 साल की जीना हेस्पल कई देशों में सीआईए की स्टेशन चीफ़ रह चुकी हैं।
विवादित होने के बावजूद माइक पोम्पियो ने उन्हें अपनी सहयोगी नियुक्त किया था और कहा था कि हेस्पल के अंदर असाधारण इंटेलीजेन्स अफ़सर की क्षमताएं मौजूद हैं।
ख़ुद पोम्पियो को भी बहुत कठोर स्वभाव का व्यक्ति माना जाता है और बहुत से टीकाकार कहते हैं कि वह अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प से भी अधिक कठोर और विवादस्पद विचार रखने वाले व्यक्ति हैं। यही कारण है कि विदेश मंत्री का पद उन्हें सौंपे जाने से अमरीका के यूरोपीय घटकों में भी चिंता बढ़ गई है।
यूरोपीय अधिकारी निवर्तमान विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन को ट्रम्प प्रशासन का अंतिम समझदार अधिकारी मानते हैं और अब उनकी जगह माइक पोम्पियो के आ जाने के बाद अधिक कठोर और तर्कहीन फ़ैसले किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पोम्पिया का मानना है कि कूटनीति क्रूज़ मिसाइल के साथ चलनी चाहिए।