काबुल में रिपोर्टिंग
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अफ़ग़ानिस्तान के कुछ भागों में होने वाले श्रंखलाबद्ध हमलों के बाद जीवन एक बार फिर ठप्प पड़ गया। दो धमाके राजधानी काबुल में हुए और एक धमाका कंधार में हुआ और ख़ोस्त में फ़ायरिंग की घटना हुई।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May ०१, २०१८ १२:१६ Asia/Kolkata
  • काबुल में रिपोर्टिंग

अफ़ग़ानिस्तान के कुछ भागों में होने वाले श्रंखलाबद्ध हमलों के बाद जीवन एक बार फिर ठप्प पड़ गया। दो धमाके राजधानी काबुल में हुए और एक धमाका कंधार में हुआ और ख़ोस्त में फ़ायरिंग की घटना हुई।

वैसे तो तालेबान का बसंत ऋतु का महला कुछ दिन पहले ही शुरू हुआ है लेकिन सच्चाई तो यह है कि अफ़ग़ानिस्तान के लोगों को सुकून किसी भी मौसम में नहीं मिलता। विशेषकर अब जब दाइश भी अफ़ग़ानिस्तान में सक्रिय हो गया है और दाइश तथा तालेबान के बीच ताक़त दिखाने की होड़ शुरू हो गई है।

काबुल के अति सुरक्षित इलाक़े में होने वाले हमले की ज़िम्मेदारी दाइश ने स्वीकार की। इस हमले में 9 पत्रकारों की जान चली गई जबकि एक पत्रकार ख़ोस्त में मारा गया। काबुल में पत्रकार उस समय निशाना बने जब पहले हमले के बाद वह रिपोर्टिंग के लिए घटना स्थल पर पहुंचे और इसी बीच दूसरे हमलावर ने धमाका कर दिया।

काबुल में वैसे तो पहले ही अलग अलग भेष में आतंकियों ने हमले किए हैं जैसे कि सैनिक अस्पताल पर तालेबान ने डाक्टरों के भेष में हमला किया था। मगर हालिया हमले में एक नई चीज़ यह देखी गई कि घटना के बाद तत्काल घटना स्थल पर पहुंचने वालों को निशाना बनाया गय। हमलावर भी पत्रकार की वेशभूषा में था।

इन हालात में रिपोर्टिंग का काम कितना जोखिम भरा हो जाता है इसका अनुमान लगाना आसान है। वर्ष 2017 में कम से कम 15 मीडियाकर्मियों की हत्या कर दी गई।

अफ़ग़ानिस्तान में मीडिया का काम इतना कठिन और ख़तरनाक हो गया है कि बहुत सी महिला पत्रकारों ने तो अपना पेशा ही बदल लिया।

जब यह हालात हैं कि इनता असर अन्य क्षेत्रों पर पड़ना तय है। मीडिया अनेक क्षेत्रों की सही तसवीर पेश करके सरकार और संबंधित संस्थाओं को अच्छी फ़ीड बैक दे देता है। सरकारें और संस्थाएं चाहे कितनी ही सक्रिय क्यों न हों हर किसी के पास तक पहुंचना और हर पहलू को छू लेना कठिन काम होता है। इस संदर्भ में आम तौर पर मीडिया का रोल महत्वपूर्ण होता है और संबंधित संस्थाओं के लिए अपनी भूल सुधारना और उपयोगी व सटीक सक्रियता बढ़ाना आसान हो जाता है।

अफ़ग़ानिस्तान को इस समय सभी क्षेत्रों में बेहतरी लाने की ज़रूरत है इस लिए ज़रूरी है कि सरकार इस तरह का वातावरण बनाए जिसमें मीडिया अपना काम कर सके। इससे निश्चित रूप से सरकार को मदद मिलेगी।