पुतीन और अर्दोग़ान ने परमाणु समझौते की सुरक्षा पर बल दिया
रूस के राष्ट्रपति विलादीमीर पुतीन और तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने गुरुवार की रात टेलीफ़ोनी वार्ता में परमाणु समझौते की सुरक्षा पर बल दिया है।
इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार दोनों नेताओं ने अपनी वार्ता में परमाणु समझौते को जारी रखने पर बल दिया। इस वार्ता में रूस और तुर्की के राष्ट्रपतियों परमाणु समझौते को महत्वपूर्ण कूटनयिक दस्तावेज़ क़रार देते हुए कहा कि इस समझौते से अमरीका ने निकलकर बहुत बड़ी ग़लती की है।
अमरीका के एकपक्षीय रूप से अंतर्राष्ट्रीय परमाणु समझौते से निकलने पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाओं का क्रम जारी है।
संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने की घोषणा के बाद ईरान के विरुद्ध दोबारा प्रतिबंधों के लागू होने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि परमाणु समझौता एक बड़ा और भव्य कूटनयिक कारनामा है जो विश्व शांति और सुरक्षा में सहयोग कर रहा है।
ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी, इटली, नार्वे, आस्ट्रिया और बेल्जियम ने भी ट्रम्प के फ़ैसले पर आक्रोश व्यक्त करते हुए अपने अपने बयानों में परमाणु समझौते पर बाक़ी रहने पर बल दिया है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री, फ़्रांसीसी राष्ट्रपति और जर्मन चांसलर ने एकपक्षीय रूप से अमरीका के परमाणु समझौते से निकलने पर खेद व्यक्त करते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया है।
तीनों देशों ने इस बयान में कहा है कि परमाणु समझौता संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 2231 के अनुसार स्वीकार किया गया है इसीलिए यह समझौता सुरक्षा परिषद के लेहाज़ से हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।
ज्ञात रहे कि महीनों की अटकलों के बाद 8 मई की रात को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने परमाणु समझौते से निकलने की घोषणा की। साथ ही ट्रम्प ने कहा कि ईरान के विरुद्ध बड़े पैमाने पर नये प्रतिबंध लगाये जायेंगे। (AK)