जकार्ता से लंदन तक इस्राईल के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन
https://parstoday.ir/hi/news/world-i62816-जकार्ता_से_लंदन_तक_इस्राईल_के_ख़िलाफ़_ज़बरदस्त_विरोध_प्रदर्शन
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में हज़ारों की संख्या में लोगों ने अमेरिका और इस्राईल के ख़िलाफ़ विरोध रैली निकाली और ज़ायोनी शासन सहित अमेरिका के ध्वज को आग लगाई।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May १२, २०१८ १५:५१ Asia/Kolkata
  • जकार्ता से लंदन तक इस्राईल के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में हज़ारों की संख्या में लोगों ने अमेरिका और इस्राईल के ख़िलाफ़ विरोध रैली निकाली और ज़ायोनी शासन सहित अमेरिका के ध्वज को आग लगाई।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका द्वारा अपने दूतावास को फ़िलिस्तीन की राजधानी बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित करने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इस दुश्मनी भरे फ़ैसले के विरुद्ध जमकर नारे लगाए और ट्रम्प के पुतले को आग भी लगाई।

प्रदर्शनकारियों ने फ़िलिस्तीनी जनता द्वारा वापसी मार्च अर्थात अपने मूल क्षेत्रों में लौटने के अधिकार को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए कहा कि फ़िलिस्तीनी जनता का यह मूल अधिकार है कि वह अपने घरों और ज़मीन को वापस ले। प्रदर्शन कर रहे लोग लगातार ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री नेतनयाहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे।

हज़ारों की संख्या में जकार्ता की सड़कों पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम बैतुल मुक़द्दस को फ़िलिस्तीन की राजधानी मानते हैं और यह कभी बर्दाशत नहीं करेंगे कि अमेरिका अपने दूतावास को बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित करे।

ब्रिटेन से प्राप्त सूचना के अनुसार लंदन में स्थित ज़ायोनी शासन के दूतावास के सामने हज़ारों की संख्या में एकत्रित लोगों ने फ़िलिस्तीनी जनता के समर्थन में नारे लगाते हुए अपने देश की सरकार से मांग की कि ब्रिटेन, इस्राईल जैसे अत्याचारी शासन से अपने संबंधों को समाप्त करे और फ़िलिस्तीनी जनता का समर्थन करते हुए फ़िलिस्तीनियों को उनके अधिकारों को दिलाने में सहायता करे। प्रदर्शनकारियों ने फ़िलिस्तीनी जनता पर ज़ायोनी शासन द्वारा किए जा रहे अत्याचारों की कड़े आलोचना की।

उल्लेखनीय है कि 15 मई ज़ायोनी शासन की अवैध स्थापना की वर्षगांठ के अवसर पर दुनिया भर में इस्राईल विरोधी प्रदर्शनों में तेज़ी आ गई है। 15 मई ऐसा दिन है जिसको फ़िलिस्तीनी जनता के साथ-साथ पूरी दुनिया में नकबा या विनाशकारी दिवस के रूप में मनाया जाता है। (RZ)