पुतीन ने परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने की आलोचना की
रूस के राष्ट्रपति विलादीमीर पुतीन ने परमाणु समझौते जेसीपीओए से अमरीका के ग़ैर क़ानूनी ढंग से निकलने के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के फ़ैसले की आलोचना करते हुए बल दिया कि इस प्रकार की एकपक्षीय कार्यवाही सार्थक नहीं है।
रूसी राष्ट्रपति विलादीमीर पुतीन ने शुक्रवार को सेन्टपीटर्ज़बर्ग में अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सम्मेलन में भाषण देते हुए कहा कि परमाणु समझौते की सुरक्षा परिाषद के प्रस्ताव ने पुष्टि की है और यह बहुपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय समझौता है।
उनका कहना था कि इस समझौते के समस्त पक्षों को खुलकर बात करनी चाहिए और परमाणु समझौते के मामले के हल के लिए उपाय तलाश करना चाहिए ताकि इस बारे में अमरीका की कार्यवाही निर्रथक हो जाए।
विलादीमीर पुतीन ने स्पष्ट किया कि अमरीका में चार साल में एक राष्ट्रपति चुना जाना है और हर चार साल में इस देश द्वारा एक अंतर्राष्ट्रीय दस्तावेज़ की पुनर्समीक्षा होती है या रद्द होता है और इसका परिणाम तनाव बढ़ने के अतिरिक्त कुछ और नहीं निकलता।
रूसी राष्ट्रपति ने गुरुवार को फ़्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुल मैक्रां से अपनी वार्ता के बारे में कहा कि परमाणु समझौते के बारे में रूस का दृष्टिकोण स्पष्ट है और इस समझौते की रक्षा की जानी चाहिए।
पुतीन ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी के महानिदेशक यूकिया अमानो से अपनी मुलाक़ात की ओर संकेत करते हुए कहा कि अमानो ने बल दिया है कि ईरान ने परमाणु समझौते के अपने समस्त वचनों का पालन किया है। (AK)