मंगलवार को ट्रम्प और किम जोंग ने सिंगापुर में मुलाकात की
ट्रम्प ने उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों के बारे में कहा कि दोनों पक्ष इस संबंध में एक दूसरे से सहकारिता करेंगे।
काफी समय की प्रतीक्षा के बाद अंततः मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग ऊन के मध्य भेंटवार्ता हुई और इस भेंट को एक एतिहासिक घटना के रूप में याद किया जा रहा है। इस भेंट के बाद ट्रम्प ने किम जोंग ऊन के साथ भेंट को रचनात्मक बताया।
इसी प्रकार ट्रम्प ने उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों के बारे में कहा कि दोनों पक्ष इस संबंध में एक दूसरे से सहकारिता करेंगे।
जानकार हल्कों का मानना है कि ट्रम्प की बातों व वादों पर उत्तर कोरिया के नेता को कोई विशेष विश्वास नहीं है क्योंकि उनके सामने अमेरिका द्वारा पेरिस जलवायु परिवर्तन और परमाणु समझौते से निकलने का उदाहरण मौजूद है।
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी सूज़ाने डी मैग्यू कहती हैं" मैंने उत्तर कोरिया के अधिकारियों के साथ जो अनौपचारिक वार्ता की है उसमें वे हमेशा परमाणु समझौते की ओर संकेत करते थे।" दूसरे शब्दों में अमेरिका द्वारा एक पक्षीय रूप से अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते से अमेरिका के निकल जाने से उत्तर कोरिया और विश्व जनमत में यह संदेश गया है कि इस बात की क्या गैरेन्टी है कि अमेरिका जो समझौता करेगा वह उस पर बाक़ी भी रहेगा।
अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के राजनेताओं का मानना है कि ईरान और परमाणु समझौते के संबंध में ट्रम्प की कार्यवाहियां इस बात का कारण बन रही हैं कि उत्तर कोरिया के साथ समझौते हेतु ट्रम्प का हाथ अधिक बंधता जा रहा है।
इसी मध्य अमेरिका के विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने बल देकर कहा है कि उत्तर कोरिया के बारे में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने से अमेरिकी सरकार अभी बहुत दूर है।
अमेरिका समर्थक संचार माध्यम व राजनीतिक हल्के यह दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि उत्तर कोरिया अमेरिका के सामने झुक गया जबकि बहुत से राजनीतिक टीकाकारों का मानना है कि जबसे उत्तर कोरिया ने यह घोषणा की है कि समूचा अमेरिका उसके मिसाइल हमलों के निशाने पर है तब से उत्तर कोरिया के संबंध में वाशिंग्टन का रवइया बदल गया और ट्रम्प उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग ऊन से वार्ता कर रहे हैं। MM