जापान में सरीन हमने के दोषियों को मौत की सज़ा
जापान में 1995 में मैट्रो में किये गए सरीन गैस के हमले के प्रमुख को फांसी दे दी गई।
जापान की राजधानी तोक्यो के सबवे में जानलेवा सरीन गैस हमले के दोषी डूम्सडे पंथ के नेता, शोको असहारा शुक्रवार को फांसी पर लटका दिया गया। शोको अमु, शिनरीक्यिो संप्रदाय से था। उसने सन 1995 में इस घटना को अंजाम दिया था जिसमें 13 लोग मारे गए थे और हजारों की संख्या में इस गैस से प्रभावित हुए थे।
शोको असहारा को मौत की सजा सुनाई गई थी। जापान के न्याय मंत्रालय के एक अधिकारी ने एएफपी से कहा कि 13 अमु सदस्यों को मृत्युदंड दिया गया जिसमें शोको असहारा भी शामिल है। नर्व एजेंट हमला मामले में फांसी की यह पहली सजा दी गई है अभी इस पंथ के अन्य सदस्यों को मौत की सजा तामील होनी बाकी है।
20 मार्च सन 1995 में मैट्रो में हुए भीषण हमले से प्रभावित लोगों ने दोषियों को फांसी दिए जाने की खबर का स्वागत किया। शोको दृष्टि हीन है। उसने सन 1980 में डूम्सडे पंथ की स्थापना की। उसकी छवि ऐसे करिश्माई नेता की थी जिससे प्रभावित होकर डॉक्टर और वैज्ञानिक सहित शिक्षित लोग उसके पंथ में शामिल होने लगे थे।
हालांकि इस पंथ को लेकर हमेशा से ही जापान में शंका थी। सरीन गैस के हमले के बाद पंथ के मुख्यालय पर कड़ी कार्रवाई हुई और शोको तथा उसके समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया गया था।