पाकिस्तान तुर्की से मिसाइल फायर करने वाली नौकायें ख़रीदेगा
पाकिस्तान तुर्की से मिसाइल फायर करने वाली नौकायें ख़रीदेगा
तुर्की के रक्षामंत्री ने सूचना दी है कि पाकिस्तान तुर्की से चार ऐसी नौकायें ख़रीदेगा जिससे मिसाइल फायर किया जा सकता है। नूरुद्दीन जानिकली ने एक साक्षात्कार में कहा कि तुर्की निर्मित इन नौकाओं का पाकिस्तान के हाथों बिक्री एक दूसरे देश के साथ सबसे बड़ा हथियार समझौता है।
उन्होंने कहा कि इन नौकाओं की बिक्री से पाकिस्तानी नौसेना की आवश्यकता की आपूर्ति हो जायेगी। उन्होंने इन नौकाओं के मूल्य और उन्हें पाकिस्तानी सेना के हवाले किये जाने के समय की ओर कोई संकेत नहीं किया परंतु समाचारिक सूत्रों ने इन चार युद्धक नौकाओं की कीमत लगभग एक अरब डॉलर बतायी है।
प्रकाशित जानकारियों के अनुसार ये युद्धक नौकायें राडार की पकड़ में नहीं आती हैं और ये पनडुब्बियों के खिलाफ भी कार्यवाही कर सकती हैं। रोचक बात यह है कि इन युद्धक नौकाओं का निर्माण पूरी तरह तुर्की ने नहीं किया है बल्कि उसके कुछ भाग का निर्माण अमेरिका और यूरोप पर निर्भर है।
तुर्की ऐसी स्थिति में इन नौकाओं को पाकिस्तान को बेच रहा है जब पिछले महीने उसने लड़ाकू हेलीकाप्टरों को भी इस्लामाबाद को बेचा था।
यहां बुनियादी सवाल यह है कि चीन ने इस प्रकार की नौकाओं को पाकिस्तान को बेचने का सुझाव दिया था इसके बावजूद वह तुर्की से इन नौकाओं को क्यों ख़रीद रहा है? क्यों तुर्की पाकिस्तान से सैनिक सहकारिता विस्तृत करना चाहता है? जानकारी हल्कों का मानना है कि तुर्की और पाकिस्तान के मध्य सैनिक सहकारिता इस बात की सूचक है कि दोनों देश अपनी सैनिक सहकारिता को विस्तृत करने के प्रयास में हैं और जिन क्षेत्रों में दोनों देश एक दूसरे से सहकारिता कर सकते हैं उनमें से एक मिसाइल और परमाणु क्षेत्र हैं। इससे पहले तुर्की के एक पूर्व सांसद आइकन एर्दमीर ने भी कहा था कि अर्दोग़ान परमाणु हथियार प्राप्त करने के प्रयास में हैं परंतु उनके पास इसकी क्षमता नहीं है।"
बहरहाल पाकिस्तान तुर्की को परमाणु सम्पन्न देश बनाने में उसकी सहायता कर सकता है परंतु परमाणु हथियारों के अप्रसार के संबंध में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौजूद सीमाओं के दृष्टिगत अब यह देखना है कि पाकिस्तान तुर्की को परमाणु हथियारों से लैस करने में किस सीमा तक अंकारा की सहायता कर सकता है?