अमेरिका 1000 अतिरिक्त सैनिक भेजेगा अफ़ग़ानिस्तान
अफ़ग़ानिस्तान में लगातार मिल रही पराजय की खिसयाहट को मिटाने की कोशिश में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक हज़ार अतिरिक्त अमेरिकी सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान भेजने को मंज़ूरी दे दी है।
तसनीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिकी सेना के अधिकारी पावेल लॉरसन ने बताया है कि राष्ट्रपति ट्रम्प की मंज़ूरी के बाद वॉशिंग्टन ने फ़ैसला किया है कि एक हज़ार अतिरिक्त सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान भेजा जाए। उन्होंने कहा कि इन एक हज़ार सैनिकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद आतंकियों से मुक़ाबला कर सकें। उल्लेखनीय है कि अफ़ग़ानिस्तान में पहले से ही 15000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
कुछ टीकाकारों का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में लगातार अमेरिकी सैनिकों को मिल रही हार से वह डरे हुए हैं। टीकाकारों के अनुसार ट्रम्प भी मध्यपूर्व के देशों में लगातार अमेरिका को मिल रही पराजय से, दुनिया के सामने उनकी हो रही किरकिरी की खिसयाहट को मिटाने के लिए कुछ सैनिकों की संख्या के बढ़ाने की घोषणा करके यह दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिकी सेना इन इलाक़ों में कुछ बेहतर करेगी।
ज्ञात रहे कि अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी के संरक्षण में कई देशों के हज़ारों विशेष प्रशिक्षण प्राप्त सैनिक मौजूद हैं लेकिन इन सबके होते हुए अफ़ग़ानिस्तान में आतंक का बज़ार गर्म है और आए दिन आतंकवादी कार्यवाहियां होती रहती हैं। इस बीच हाल ही में डोनल्ड ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिकी सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में रहेंगे और इस बारे में वह ज़मीनी सच्चाई के अनुसार ही फ़ैसला करेंगे जिसमें कोई डेड लाइन नहीं होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान के जवाब में तालेबान ने कहा था कि अगर अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान से अपने सैनिकों को नहीं बुलाता है तो अफ़ग़ानिस्तान, अमेरिकी सैनिकों के लिए क़ब्रिस्तान साबित होगा।
इस बीच अफ़ग़ान जनता का मानना है कि अमेरिका, दिन प्रतिदिन अफ़ग़ानिस्तान को आग में झोंकता जा रहा है। अफ़ग़ानिस्तान के मामलों के जानकारों का मानना है कि अब तक अमेरिका तालेबान के मुक़ाबले में कोई विशेष उपलब्धि प्राप्त नहीं कर सका है और उसने अब तालेबान से मुक़ाबले के लिए दाइश को आफ़ग़ानिस्तान में पीछे के दरवाज़े से घुसाया है जिसके कारण अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति हर दिन पहले से और अधिक ख़राब होती जा रही है। (RZ)