तालेबान की उज़्बेक नेताओं की बात सामने आ गयी
https://parstoday.ir/hi/news/world-i67147-तालेबान_की_उज़्बेक_नेताओं_की_बात_सामने_आ_गयी
क़तर में तालेबान के राजनैतिक कार्यालय के प्रवक्ता सुहैल शाहीन का कहना है कि उज़्बेकिस्तान में तालेबान के प्रतिनिधि मंडल ने उज़्बेक विदेशमंत्री सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाक़ात की जिसमें दोनों देशों के द्विपक्षीय मामलों सहित अफ़ग़ानिस्तान में शांति और सुरक्षा की बहाली से संबंधित बातचीत हुई।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Aug १२, २०१८ १२:०६ Asia/Kolkata
  • तालेबान की उज़्बेक नेताओं की बात सामने आ गयी

क़तर में तालेबान के राजनैतिक कार्यालय के प्रवक्ता सुहैल शाहीन का कहना है कि उज़्बेकिस्तान में तालेबान के प्रतिनिधि मंडल ने उज़्बेक विदेशमंत्री सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाक़ात की जिसमें दोनों देशों के द्विपक्षीय मामलों सहित अफ़ग़ानिस्तान में शांति और सुरक्षा की बहाली से संबंधित बातचीत हुई।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार तालेबान के पोलेटिकल चीफ़ शेर मुहम्मद अब्बास के नेतृत्व में उज़्बेकिस्तान में 4 दिसवीय वार्ता का दौर शुक्रवार को समाप्त हुआ, इस दौरान तालेबान के प्रतिनिधि मंडल ने उज़्बेक विदेशमंत्री सहित अफ़ग़ानिस्तान के विशेष प्रवक्ता से भी मुलाक़ात की।

ज्ञात रहे कि उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मीरज़ाएफ़ ने जारी वर्ष मार्च में अफ़ग़ानिस्तान में शांति और सुरक्षा की बहाली के लिए पेशकश की थी। सुहैल शाहीन ने बताया कि तालेबान और उज़्बेक विदेशमंत्री तथा अन्य से वार्ता में विदेशी सैनिकों की बेदख़ली सहित अफ़ग़ानिस्तान में उज़्बेक फंड से रेलवे लाइन और बिजली जैसी परियोजनओं पर विचार विमर्श किया गया।

उन्होंने बताया कि उज़्बेक अधिकारियों ने विकास योजनओं से संबंधित सुरक्षा चिंताओं पर भी बातचीत की। तालेबान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि तालेबान ने उज़्बेक अधिकारियों से विदेशी सैनिकों की बेदख़ली और अफ़ग़ानिस्तान को स्वीकार किए जाने से संबंधित मामलों पर विचार विमर्श किया।

दूसरी ओर उज़्बेक विदेशमंत्रालय की वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया है कि दोनों ओर से अफ़ग़ानिस्तान में संभावित शांति के बारे में विचार विमर्श किया गया।

ज्ञात रहे कि उक्त वार्ता को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महत्व दिया जा रहा है जबकि तालेबान की ओर से अफ़ग़ान और अमरीकी सुरक्षा बलों पर हिंसक हमलों के बाद वाशिंग्टन ने तालेबान से वार्ता का समर्थन कर दिया है। इसी दौरान अफ़ग़ानिस्तान में दाइश के प्रभाव को ख़त्म करने के लिए तालेबान, रूस और उज़्बेकिस्तान के ध्यान का केन्द्र बन चुके हैं जबकि अमरीका, रूस पर तालेबान को हथियार देने का आरोप भी लगा चुका है।

इसी के साथ एशिया के लिए अमरीकी इन्सटिट्यूट आफ़ पीस कार्यक्रम के उप प्रमुख एंडर वेल्डर ने अफ़ग़ानिस्तान में शांति की बहाली के लिए रूस की सकारात्मक भूमिका की सराहना की है। उन्होंने कहा कि उज़्बेकिस्तान का तालेबान के साथ अफ़ग़ान सरकार से संपर्क बढ़ाना, उपयोगी सिद्ध होगा। ज्ञात रहे कि अफ़ग़ान सरकार, तालेबान या उज़्बेकिस्तान की ओर से सा कोई बयान जारी नहीं हुआ है जिसमें अफ़ग़ान सरकार का उल्लेख मिलता हो।

उज़्बेकिस्तान के लिए दाइश की उपस्थिति ख़तरे से ख़ाली नहीं क्योंकि उज़्बेकिस्तान में इस्लामिक मूवमेंट के पूर्व लड़ाकों को आतंकवादी क़रार दिया जा चुका है जो अफ़ग़ानिस्तान में ख़तरनाक हमलों में लिप्त हैं।

पिछले वर्ष इस्लामिक मूवमेंट आफ़ उज़्बेकिस्तान के नेता ताहिर यल्दाशियो के बेटे की मौत की सूचना आई थी जो अफ़ग़ानिस्तान में दाइश के क़दम जमाने में केन्द्रीय भूमिका अदा कर रहा है। (AK)