अमेरिकी सेना ने सीरिया में सैन्य अभ्यास किया है
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अमेरिकी सेना ने घोषणा की है कि सीरिया में अत्तनफ़ सैनिक छावनी के पास लगभग 110 किलोमीटर के क्षेत्र में उसने सैन्य अभ्यास किया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Sep ०८, २०१८ १२:४९ Asia/Kolkata

अमेरिकी सेना ने घोषणा की है कि सीरिया में अत्तनफ़ सैनिक छावनी के पास लगभग 110 किलोमीटर के क्षेत्र में उसने सैन्य अभ्यास किया है।

अमेरिकी सेना की घोषणा के अनुसार उसने आतंकवादी गुट दाइश से मुकाबले के लिए यह सैन्य अभ्यास किया है।

रोचक बात यह है कि अमेरिका ने दाइश से मुकाबले के लिए तथाकथित अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाये जाने के बाद इस क्षेत्र को अपने अतिग्रहण में कर लिया है और वहां उसने अपनी सैनिक छावनी भी बना ली है।

जानकार हल्कों का मानना है कि सीरिया के अत्तनफ़ क्षेत्र में अमेरिका की सैनिक छावनी की गणना पश्चिम एशिया की बड़ी सैन्य छावनियों में होती है।

आतंकवादियों के मुकाबले में सीरियाई सेना की बढ़त उन विषयों में से एक है जिसने राजनीतिक विश्लेषकों के ध्यान को अपनी ओर आकर्षित कर रखा है।

सीरियाई सेना को निरंतर मिलने वाली सफलता ने इस देश को निर्णायक चरण में पहुंचा दिया है। दूसरे शब्दों में आतंकवादियों के मुकाबले में सीरिया और उसके घटक मज़बूत पोज़ीशन में हैं इस प्रकार से कि दुश्मन इस बात को सहन नहीं कर पा रहे हैं।

इस आधार पर वे विभिन्न बहानों से सीरिया में जारी लड़ाई को अपने हित में परिवर्तित करने की चेष्टा में हैं और अमेरिका सीरिया में जो कुछ कर रहा है उसे इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है।

सीरिया की सेना इदलिब क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ कार्यवाही आरंभ करने की तैयारी है। यहां इस बात का उल्लेख आवश्यक है कि इदलिब सीरिया में आतंकवादियों का अंतिम गढ़ है और इस क्षेत्र के आज़ाद हो जाने के बाद सीरिया से पूरी तरह आतंकवादियों का सफाया हो जायेगा।

आतंकवादियों के समर्थक विशेषकर अमेरिका इस बात से चिंतित है कि इदलिब पर भी सीरियाई सेना का नियंत्रण हो जायेगा।

दूसरे शब्दों में अमेरिका को इदलिब में आतंकवादियों के पराजित होने की चिंता है और इसी कारण वह सीरियाई सेना पर हमला करने का बहाना ढ़ूंढ़ रहा है।

समाचार पत्र रायुलयौम लिखता है कि ट्रंप की सरकार यह आभास करने लगी है कि वह सीरिया में पराजय की कगार पर है और दाइश के अंत के बाद सीरिया में अमेरिका की उपस्थिति का बहाना समाप्त हो जायेगा इसलिए ट्रंप की सरकार सीमित पैमाने पर सीरिया में युद्ध करना चाहती है ताकि सीरिया संकट को लंबा और जटिल बनाकर इस देश में अपनी उपस्थिति का मार्ग प्रशस्त कर सके परंतु सीरिया में होने वाले परिवर्तन इस बात के सूचक हैं कि सीरिया और उसके घटक अमेरिकी धमकियों की परवाह किये बिना इस देश से आतंकवादियों की पूर्ण समाप्ति का दृढ़ संकल्प रखते हैं। MM