वेनेज़ोएला में अमरीकी हस्तक्षेप के पीछे अस्ल लक्ष्य
वेनेज़ोएला में जारी संकट और इस देश में विपक्षी नेता व स्वयंभु राष्ट्रपति ख़्वान ग्वाइडो की ओर से संकट को और भड़काने की कोशिश के बीच अमरीकी सरकार ने वेनेज़ोएला में स्थिति बदलने के लिए अपनी गतिविधियां तेज़ कर दी हैं।
इस समय वॉशिंग्टन ने वेनेज़ोएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की वामपंथी सरकार के ख़िलाफ़ दबाव के लिए आर्थिक हथकंडों के इस्तेमाल पर ध्यान केन्द्रित कर रखा है और साथ ही सैन्य शक्ति के इस्तेमाल की धमकी भी दे रहा है। इस समय वेनेज़ोएला में बहुत अधिक मुद्रा स्फीति की वजह से कठोर आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
हालांकि वॉशिंग्टन वेनेज़ोएला के ख़िलाफ़ अपनी विध्वसंक गतिविधियों का औचित्य इस देश की जनता के हित में दर्शाने की कोशिश में है लेकिन इसके पीछे उसका कुछ और ही लक्ष्य है कि जिसके बारे में वेनेज़ोएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का बयान बहुत कुछ कहता है। मादुरो ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर लिखाः "वॉशिंग्टन और उसका समर्थन प्राप्त विपक्ष वेनेज़ोएला के प्राकृतिक संसाधनों पर क़ब्ज़ा जमाना चाहता है। वे हमारी सरकार के ख़िलाफ़ तेल की जंग थोपना चाहते हैं जिसमें उन्हें नाकामी होगी।
ऐसा लगता है कि वॉशिंग्टन इस समय सैन्य हमले की धमकी को वेनेज़ोएला की सरकार को धमकाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। जैसा कि वेनेज़ोएला के मामले में अमरीकी प्रतिनिधि इलियट अब्राम्ज़ का कहना है कि वॉशिंग्टन का ऐसा कोई इरादा नहीं है मगर यह कि वेनेज़ोएला की सरकार अमरीकी दूतावास पर हमले जैसा कोई पागलपन वाला कम कर बैठे।(MAQ/T)