योरोपीय संघ पर विघटन का मंडराता ख़तरा
योरोप में अतिवादी दक्षिणपंथी दलों के सत्ता पर क़ब्ज़ा जमाने और योरोपीय संसद के चुनाव में उनकी विजय की अपार संभावना के मद्देनज़र फ़्रांस के विदेश मंत्री जान लोद्रियान ने योरोपीय संघ के विघटन के ख़तरे की ओर से सचेत किया।
लोद्रियान ने यह चेतावनी ऐसे समय दी है कि योरोप के बहुत देशों में योरोपीय संसद के चुनाव हो रहे हैं और इन चुनावों के नतीजे सामने आते ही योरोपीय संघ के राजनैतिक जीवन का नया दौर शुरु होगा। योरोपीय संसद के इस दौर के चुनाव इसलिए विशेष अहमियत रखते हैं कि इन चुनावों में योरोप की अतिवादी दक्षिणपंथी पार्टियां सक्रिय हैं और वे अपने हितों के परिप्रेक्ष्य में योरोपीय संघ के भविष्य पर प्रभाव डालने की कोशिश कर रही हैं।
योरोप में वर्ष 2008 का वित्तीय व आर्थिक संकट अतिवादी दक्षिणपंथी दलों की योरोप के राजनैतिक मंच पर वापसी का कारण बना। हालिया वर्षों के दौरान योरोप में आतंकवादी हमलों और पलायन की लहर की वजह से उत्पन्न अशांति के ख़िलाफ़ दृष्टिकोण की वजह से ये अतिवादी दल मज़बूत हुए। ये दल राष्ट्रवादी नारों के ज़रिए मुहाजिरों व पलायनकर्ताओं को निकालना चाहते हैं, यूरो नामक एकल मुद्रा और योरोपीय देशों के बीच आज़ाद व्यापार के ख़िलाफ़ हैं।
यद्यपि फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां ने आने वाले वर्षों में योरोपीय संघ के पुनर्निर्माण और उसे आर्थिक व सुरक्षा की दृष्टि से मज़बूत बनाने के कार्यक्रम की सूचना दी है लेकिन अगर अतिवादी दक्षिणपंथी दल योरोपीय संसद में अधिक कुर्सी पाने में सफल हो गए तो इस संघ को अपने उद्देश्य के लिए निर्णय लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। (MAQ/T)