अमेरिका और तुर्की के मध्य कटुता और बढ़ी
व्हाइट हाउस ने तुर्की के विमान चालकों का आह्वान किया है कि वे 31 जुलाई तक अमेरिका छोड़ दें।
तुर्की ने रूस से प्रक्षेपास्त्रिक रक्षा प्रणाली S-400 ख़रीद लिया है और तुर्की और अमेरिका के मध्य पहले से मौजूद मतभेदों के दृष्टिगत यह विषय नैटो के सदस्य दोनों देशों के संबंधों में संकट का कारण बना गया है और वाशिंग्टन एवं अंकारा के बीच संबंध और तनावग्रस्त हो गये हैं।
गत शुक्रवार 12 जुलाई से रूस की प्रक्षेपास्त्रिक रक्षा प्रणाली S-400 तुर्की को मिलने आरंभ हो गयी है और अब तक तुर्की को 15 खेपें मिल चुकी हैं।
इस बात के दृष्टिगत यह तय हो गया है कि तुर्की रूस से प्रक्षेपास्त्रिक रक्षा प्रणाली S-400 खरीदने के अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगा और अमेरिका भी तुर्की के खिलाफ अपनी धमकियों को व्यवहारिक बनायेगा।
पांचवी पीढ़ी के F-35 युद्धक विमान के निर्माण की योजना में अब अमेरिका तुर्की को न तो शामिल करेगा और न ही ये युद्धक विमान तुर्की को देगा। रोचक बात यह है कि इस युद्धक विमान की कीमत तुर्की पहले ही अमेरिका को दे चुका है।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी विज्ञप्ति में आया है कि खेद की बात है कि तुर्की ने रूस से प्रक्षेपास्त्रिक रक्षा प्रणाली S-400 खरीद लिया है जिससे F-35 युद्धक विमान निर्माण कार्यक्रम में तुर्की की उपस्थिति असंभव हो गयी है। साथ ही व्हाउट हाउस ने तुर्की के विमान चालकों का आह्वान किया है कि वे 31 जुलाई तक अमेरिका छोड़ दें।
अमेरिका ने कहा है कि तुर्की नैटो में बाकी रहेगा परंतु उसने रूस से जो प्रक्षेपास्त्रिक रक्षा प्रणाली S-400 खरीदा है उससे नैटो के साथ उसके संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
तुर्की के विदेशमंत्री मौलूद चाऊश ओग़लू ने F-35 युद्धक विमान के निर्माण कार्यक्रम से इस देश की उपस्थिति को समाप्त करने पर आधारित अमेरिकी फैसले पर कहा कि यह फैसला न्यायपूर्ण नहीं है और इस फैसले से वाशिंग्टन के साथ हमारे संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
प्रतीत यह हो रहा है कि F-35 युद्धक विमान के बारे में अमेरिका और तुर्की के मध्य जो तनाव व मतभेद है वह यहीं नहीं रुकेगा और वह दूसरे विषयों को भी अपनी लपेट में ले लेगा।
बहरहाल प्रतीत यह हो रहा है कि तुर्की ने रूस से प्रक्षेपास्त्रिक रक्षा प्रणाली S-400 खरीद कर बड़ा जोखिम भरा कदम उठाया है और उसके परिणाम तुर्की के अधिकारियों के लिए पूरी तरह स्पष्ट नहीं थे। रूस से प्रक्षेपास्त्रिक रक्षा प्रणाली S-400 की खरीदारी तुर्की के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गयी थी।
जानकार हल्कों का मानना है कि रूस तुर्की के हाथ प्रक्षेपास्त्रिक रक्षा प्रणाली S-400 बेचकर उसे रूस से नज़दीक और पश्चिम से दूर करने के प्रयास में है। रूस ने तुर्की को आधुनिकतम युद्धक विमान सोखो-35 को खरीदने का जो प्रस्ताव दिया है उसे इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। MM