इमरान ख़ान के त्यागपत्र को लेकर आज़ादी मार्च जारी
पाकिस्तान में इमरान ख़ान की सरकार के खिलाफ इस देश का विपक्ष आज़ादी मार्च निकाल रहा है।
आज़ादी मार्च की अगुवाई मौलाना फ़ज़लुर्रहमान कर रहे हैं जो जमीअते ओलमाए इस्लाम (जेयूआई-एफ) के अध्यक्ष हैं। आज़ादी मार्च की शुरुआत कराची से 27 अक्तबूर को हुई थी।पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) समेत पाकिस्तान के विपक्षी दलों के समर्थक, सरकार विरोधी इस प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं।
इस बीच पाकिस्तानी अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये हैं। मुख्य मार्गों को पूरी तरह या आंशिक तौर पर बंद कर दिया गया है। प्रमुख सरकारी इमारतों और राजनयिक क्षेत्रों सहित ‘रेड जोन’ की तरफ प्रदर्शनकारियों को जाने से रोकने के लिये कंटीले तार लगाए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। संवेदनशील जगहों पर सैनिकों को भी तैनात किया गया है। सेना ने हाईवे पर शिपिंग कंटेनर बिछा दिए हैं ताकि प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद न पहुंच पाएं। लोगों का मानना है कि एक साल पहले बनी इमरान ख़ान की सरकार के खिलाफ इतना बड़ा आंदोलन अप्रत्याशित है।
सरकार विरोधी यह रैली पहले गुरुवार को होने वाली थी लेकिन लाहौर रेल त्रासदी की वजह से इसे एक दिन के लिए रोक दिया गया। जेयूआई-एफ के प्रमुख मौलाना फ़ज़लुर्रहमान ने इमरान पर 2018 के आम चुनावों में ‘धांधली’ करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की है। मौलाना फ़ज़लुर्रहमान ने इमरान खान पर आर्थिक कुप्रबंधन, अकुशल एवं खराब शासन के चलते आम लोगों की जिंदगी की कठिनाइयों को बढ़ाने का भी आरोप लगाया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने इस मार्च पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वे विपक्ष के दबाव में आकर त्यागपत्र नहीं देंगे।