कुछ अमरीकी मंत्री ट्रम्प को कमज़ोर करना चाहते थेः निकी हेली
संयुक्त राष्ट्रसंघ में अमरीका की पूर्व राजदूत निकी हेली ने कहा है कि अमरीका के पूर्व विदेशमंत्री टिलरसन और वाइट हाउस के पूर्व चीफ आफ स्टाफ जाॅन केली, ट्रम्प को कमज़ोर करने के प्रयास में थे।
निकी हेली ने कहा कि इन दो मंत्रियों ने मुझसे राष्ट्रपति ट्रंप की बात को अनसुना करने को कहा था। हेली ने बताया कि विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन और व्हाइट हाउस में चीफ ऑफ स्टाफ रहे जॉन केली ने उन्हें कुछ मुद्दों पर ट्रंप को अनसुना करने के लिए कहा था। टिलरसन और जाॅन केली को बाद में ट्रम्प के आदेश पर अपदस्त कर दिया गया था।
हेली के अनुसार केली और टिलरसन ने उन्हें विश्वास में लिया था कि ट्रम्प की बात नहीं मानी जानी चाहिए। उन्होंने तर्क देते हुए कहा था कि इसका मतलब राष्ट्रपति ट्रम्प को टालना नहीं बल्कि देश को बचाना है। निकी हेली कहती हैं कि यह दोनों मुझसे कहा करते थे कि उनके फैसले, ट्रम्प के नहीं बल्कि अमेरिका के हित में हैं। ट्रम्प नहीं जानते कि वह क्या कह रहे हैं? उन्होंने बताया कि एक मौक़े पर टिलरसन ने उनसे कहा था कि यदि बिना देखरेख के ट्रम्प को छोड़ दिया गया तो लोग मारे जाएंगे। पूर्व राजदूत निकी हेली ने कहा कि मैंने दोनों मंत्रियों की बात को मानने से मना कर दिया और इसे खतरनाक बताया था। वे कहती हैं यदि वे राष्ट्रपति को नज़रअंदाज़ करना चाहते थे तो उन्हें खुद जाकर ट्रम्प को बताना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उन्हें मुझसे इस साज़िश में शामिल होने के लिए नहीं कहना चाहिए था। उनके अनुसार मंत्रियों को राष्ट्रपति से अपने मतभेदों को बातचीत करके सुलझाना चाहिए था। मगर उन्हें कमज़ोर करने का फ़ैसला बेहद ख़तरनाक और संविधान का उल्लंघन वाला था। यह अमेरिकी नागरिकों के ख़िलाफ़ है। हेली ने कहा, 'व्हाइट हाउस के कुछ अधिकारी ट्रम्प के व्यवहार की तरफ ध्यान आकर्षित करने को लेकर एक साथ इस्तीफा देना चाहते थे।' इससे पहले सितंबर में वाशिंगटन पोस्ट के रिपोर्टर बॉब वुडवर्ड ने अपनी किताब में कहा था कि ट्रम्प प्रशासन के कई वरिष्ठ मंत्री राष्ट्रपति की मेज़ से अहम दस्तावेजों को हटा देते थे।
ज्ञात रहे कि संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत रहीं निकी हेली ने यह बातें अपनी किताब ‘विद ऑल ड्यू रिस्पेक्ट’ कही हैं। भारतीय मूल की निकी हेली ने पिछले साल अक्तूबर में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। वे जनवरी 2017 में संयुक्त राष्ट्र संघ में अमेरका की राजदूत बनी थीं।