विश्व बैंक चीन को लोन देना बंद करेः ट्रम्प
विश्व बैंक की ओर से चीन को ऋण दिये जाने का ट्रम्प ने विरोध किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने विश्व बैंक से कहा है कि वह चीन को कर्ज देना बंद करे। संचार माध्यमों के अनुसार डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को ट्वीट में सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ल्ड बैंक आखिर क्यों चीन को कर्ज दे रहा है। ट्रम्प का कहना था कि चीन के पास तो पहले से ही काफी धन है। उन्होंने कहा कि अगर उसके पास धन नहीं है तो उसे धन पैदा करना चाहिए।
संचार माध्यमों के अनुसार ट्रम्प की बातों का समर्थन अमरीका के वित्तमंत्री स्टीवन न्यूकिन ने भी किया है। न्यूकिन ने कहा कि चीन तो पहले ही छोटे देशों को अरबों डॉलर कर्ज दे चुका है फिर उसे कर्ज की क्या जरूरत है। ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि चीन, विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। वह खुद अपने पैसे से अपनी जरूरतें पूरी कर सकता है। वर्ल्ड बैंक को सिर्फ गरीब देशों की भलाई के लिए ही अपने आर्थिक संसाधनों का इस्तेमाल करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि ट्रम्प की तरफ से यह बयान ऐसे समय आया है कि जब अमेरिका और चीन दोनो ही नए व्यापार समझौते पर सहमति बनाने के लिए काम कर रहे हैं। अमेरिका अबतक चीन के 550 अरब डॉलर के उत्पादों पर आयात शुल्क लगा चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने पहले मई में चीन के 250 अरब डॉलर के आयात पर शुल्क को 10% से बढ़ाकर 25% कर दिया था। इसके बाद उन्होंने 1 सितंबर से 300 अरब डॉलर के अतिरिक्त चाइनीज़ इम्पोर्ट पर 10% आयात शुल्क लगाने का ऐलान किया।
विश्व बैंक ने चीन को 2019 के वित्त वर्ष में लगभग 1.3 अरब डॉलर का कर्ज दिया। 2017 के 2.4 अरब डॉलर की तुलना में यह लगभग आधा है। पिछले पांच वर्षों में वर्ल्ड बैंक ने चीन को सामान्यतः 1.8 अरब डॉलर का ऋण दिया है। वर्ल्ड बैंक बोर्ड ने गुरुवार को ही चीन के आधारभूत और पर्यावरणीय ढांचे में सुधार के लिए पांच साल के कर्ज कार्यक्रम पर विचार शुरू किया है। बैंक ने चीन की मदद के लिए प्रतिबद्धता जताई। हालांकि, बोर्ड का कहना है कि हर साल दिया जाने वाला कर्ज जल्द ही कम होगा। वर्ल्ड बैंक में चीन मामलों के निदेशक मार्टिन रेजर ने कहा कि हम जल्द चीन को दिए जाने वाले कर्ज में कटौती करेंगे।