सऊदी अरब और अमरीका के संबंधों की कड़ी आलोचना
अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि ओबामा की सऊदी अरब यात्रा परिणामहीन रहेगी।
अमरीका के पूर्व अधिकारी ने यह बयान करते हुए कि आज वाशिंग्टन और रियाज़ के मध्य क्षेत्र के समस्त मामलों में बहुत अधिक मतभेद पाये जाते हैं, ओबामा की सऊदी अरब की यात्रा को परिणामहीन बताया है।
फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार, अमरीकी विदेशमंत्रालय के पूर्व अधिकारी और इस देश की विदेश संपर्क समिति के सदस्य रिटेक ने रियाज़-वाशिंग्टन संबंधों में मतभेदों की ओर संकेत करते हुए कहा कि ओबामा का रियाज़ दौरा परिणामहीन रहेगा। उनका कहना था कि राष्ट्रपति का यह सबसे विफल दौरा होगा।
उन्होंने पालिटिक पत्रिका में अपने नोट में लिखा कि इन दिनों अमरीका और सऊदी अरब के दृष्टिकोण पूर्ण रूप से भिन्न हैं और उनके हित भीं अलग-अलग हैं। इस अमरीकी टीकाकार का कहना है कि यह एेसी स्थिति में है कि सऊदी अरब क्षेत्र में ईरान को पराजित करने के लिए अमरीका के अधिक सहयोग का इच्छुक है किन्तु ओबामा, विदित रूप से क्षेत्र में हर प्रकार की सैन्य उपस्थिति से फ़रार कर रहे हैं।
अमरीकी विदेशमंत्रालय के इस पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने लिखा है कि आज क्षेत्र की स्थिति पूर्ण रूप से भिन्न है और अब अमरीका को ईरान के परमाणु समझौते के माध्यम से एक क्षेत्रीय दुश्मन से मुक़ाबले के लिए सऊदियों के समर्थन की आवश्यकता नहीं है। अब फ़िलिस्तीन के मामले में दो सरकारों के गठन के मामले में अमरीका पूरी तरह निराश हो चुका है और उसने इस मुद्दे पर अरब देशों से भी उम्मीर नहीं लगा रखी है। (AK)