चीन में कोरोना वायरस का क़हर
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चीन में कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है और इससे 830 लोगों के पीड़ित होने की पुष्टि हुई है. इस वायरस का संक्रमण रोकने के लिए प्राधिकारियों ने देश के 13 शहरों को बंद कर दिया गया है और आवागमन पर रोक लगा दी है।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Jan २४, २०२० १६:३३ Asia/Kolkata

चीन में कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है और इससे 830 लोगों के पीड़ित होने की पुष्टि हुई है. इस वायरस का संक्रमण रोकने के लिए प्राधिकारियों ने देश के 13 शहरों को बंद कर दिया गया है और आवागमन पर रोक लगा दी है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि इस वायरस के कारण 26 लोगों की मौत हुई है जिनमें से 24 की मौत मध्य चीन के हुबेई प्रांत में और एक की मौत उत्तरी चीन के हेबेई में हुई है.

आयोग के अनुसार, गुरुवार तक कोरोना वायरस के कारण निमोनिया से पीड़ित होने के तकरीबन 830 मामलों की पुष्टि हुई है। आयोग ने बताया कि देश के 20 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों में कुल 1072 संदिग्ध मामले सामने आए हैं।

चीन ने देश और दुनिया में कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए बृहस्पतिवार को वुहान सहित 13 शहरों में आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया।

चीनी नववर्ष के पहले सड़कों पर भीड़भाड़ बढ़ने के मद्देनजर गाड़ियों, ट्रेनों और विमानों समेत आवागमन के विभिन्न माध्यमों को रोक दिया गया है।

कोरोना वायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह है जो सामान्य जुकाम से लेकर श्वांस तंत्र की गंभीर समस्या तक पैदा कर सकता है. चीन में जिस वायरस से संक्रमित होकर लोगों की जान जा रही है, वह इससे अलग किस्म का है और इसे पहले कभी नहीं देखा गया.  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इस वायरस को ‘2019-एनकोव’ नाम दिया है।

कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर व्यक्ति में बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, हांफना जैसे लक्षण नजर आते हैं।

वायरस के फैलने की आशंका को देखते हुए और इस पर नियंत्रण करने के मद्देनजर इससे प्रभावित शहर के आसपास मौजूद चार और शहरों में शुक्रवार को यात्रा प्रतिबंध लगा दिया, जिससे यात्रा प्रतिबंध वाले शहरों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है और इसके कारण इन शहरों में रह रही करीब 4.1 करोड़ की आबादी प्रभावित है।

भारतीय दूतावास ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि चीनी अधिकारियों ने प्रांत में रह रहे भारतीयों को खाद्य आपूर्ति सहित सभी सहयोग का आश्वासन दिया है.

भारत के लिहाज से भी चिंता की वजह है क्योंकि करीब 700 भारतीय छात्र वुहान और आसपास के इलाके में रहते हैं. इन छात्रों में ज्यादातर चीनी विश्वविद्यालयों में चिकित्सा की पढ़ाई करते हैं। (AK)