कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या पहुंची 1765
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चीन की सरकार ने एलान किया है कि कोरोना वायरस से रविवार की रात मरने वालों की संख्या बढ़कर 1765 हो चुकी है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb १७, २०२० ०५:३० Asia/Kolkata
  • कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या पहुंची 1765

चीन की सरकार ने एलान किया है कि कोरोना वायरस से रविवार की रात मरने वालों की संख्या बढ़कर 1765 हो चुकी है।

चीन से पूरी दुनियाभर में फैलने वाला कोरोना वायरस थमने का नाम नहीं ले रहा।  इसने चीन में तो तांडव मचा रखा है।  कोरोना के चलते चीन में रोजाना सैकड़ों जानें जा रही हैं।  हिंदुस्तान के अनुसार ताजा आंकड़े बताते हैं कि कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 1765 हो गई है।  हाल ही में इसके संक्रमण से एशिया के बाहर मौत का पहला मामला सामने आया।  दुनियाभर के 67 हजार से ज्यादा लोग अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। 

चीन के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक कुल 66,492 मामलों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।  इस देश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया है कि 2,641 नए मामले शुक्रवार को सामने आए। वहीं शनिवार को 1,373 मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई। चीन के अलावा हांगकांग में भी कोरोना से एक व्यक्ति की मौत हो गई।  वहां पर संक्रमण के 56 मामले सामने आए हैं। मकाउ में भी 10 मामलों की पुष्टि हुई है।

बताया जा रहा है कि कोरोना का क़हर झेल रहे चीन को अब ‘कैश’ से संक्रमण फैलने का डर सता रहा है। इसी के चलते चीन ने प्रभावित इलाकों में न सिर्फ मौजूदा नोट और सिक्कों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है, बल्कि उन्हें इकट्ठा करके कीटाणुमुक्त बनाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है।  चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि कोरोना वायरस सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स) का ही दूसरा रूप है।  उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह है, लेकिन इनमें से केवल छह विषाणु ही लोगों को संक्रमित करते हैं। इसके सामान्य प्रभावों के चलते सर्दी-जुकाम होता है, लेकिन सार्स अर्थात 'सिवीयर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोमट ऐसा कोरोना वायरस है जिसके प्रकोप से सन 2002-03 में चीन और हांगकांग में करीब 650 लोगों की मौत हो गई थी।  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पिछले साल इस बीमारी के सामने आने और इसके लिए जिम्मेदार कोरोना वायरस के कारण इसे कोविड-19 नाम दिया है।  विश्व स्वास्थ्य संगठन के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों की एक टीम चीन पहुंच चुकी है जो कोरोना वायरस के प्रकोप से निपटने में चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों की मदद करेगी।