कोरोना वायरस से बचने के लिए साबुन इतना कारगर क्यों है?
कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी से बचने के लिए डाक्टर और विशेषज्ञ जिस पर सबसे ज़्यादा ज़ोर दे रहे हैं वह है हाथों का साबुन से धोना।
यह वायरस 11 मार्च 2020 तक दुनिया के 118 देशों में फैला चुका है और इससे दुनिया भर में 1 लाख 19 हज़ार 133 लोग संक्रमित हैं।
डाक्टर इससे बचने के लिए हाथ धोने पर ज़ोर देते हैं लेकिन केवल पानी से नहीं बल्कि साबुन से। इसका कारण यह है कि साबुन वाक़ई अनेक प्रकार के वायरसों जैसे कोरोना वायरस को हाथों से निकाल देता है क्योंकि वह वायरस की चर्बी की झिल्ली को काट देता है।
डान डाट काम ने न्यू साउथ वेल्ज़ के केमिस्ट्री के प्रोफ़ेसर फ़िली थोर्डसन के हवाले से लिखा है कि चर्बी की छिल्ली फट जाती है जिसके बाद वायरस बेअसर हो जाता है।
अगर ख़ाली पानी से हाथ धोया जाए तो चर्बी की झिल्ली नहीं फटती। वायरस आम तौर पर चिपकने वाला होता है और आसानी से नहीं सरकता इसलिए साबुन का इस्तेमाल ज़रूरी है।
प्रोफ़ेसर फ़िली का कहना है कि साबुन वाला पानी बिल्कुल अलग होता है। चूंकि हमारे हाथ काफ़ी सख्त और झुर्रियों वाले होते हैं इसलिए हमें उनके रगड़ने और भिगोने की ज़रूरत होती है ताकि इस बात को सुनिश्चित किया जाए कि साबुन त्वचा के हर हिस्से में पहुंच जाए। उन्होंने यह भी बताया कि साबुन वायरस को निष्क्रय करने में अन्य पदार्थों से बेहतर क्यों है। उन्होंने बताया कि एंटी बैक्टेरियल लिक्विड या जेल और क्रीम का असर भी साबुन जैसा होता है लेकिन वह आम साबुन जितने अच्छे नहीं होते।
प्रोफ़ेसर फ़िली ने कहा कि साबुन बेहतरीन और और अलकोहल वाले वाइपस उस समय अच्छे होते हें जब साबुन मौजूद न हो।