बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट से दिया इस्तीफ़ा
माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने कहा कि वह अब फिलैन्थ्रॉपी पर अधिक फोकस करेंगे। 65 साल के गेट्स ने वॉरेन बफेट की कंपनी बर्कशायर हैथवे के बोर्ड को भी अलविदा कह दिया है।
प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट और बर्कशायर हैथवे, दोनों कंपनियों के बोर्ड से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने कहा कि वह अब फिलैन्थ्रॉपी पर ज़्यादा फोकस करेंगे। गेट्स ने अप्रैल 1975 में माइकोसॉफ्ट की स्थापना की थी। उन्होंने 2008 में ही माइक्रोसॉफ्ट के रोज़ाना के कामकाज से ख़ुद को अलग कर लिया था और पत्नी मेलिंडा गेट्स के साथ मिलकर बिल ऐंड मेलिंड गेट्स फाउंडेशन के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने जाते-जाते कहा कि माइक्रोसॉफ्ट हमेशा उनकी ज़िदंगी में कामकाज का अहम हिस्सा बना रहेगा और वह समय-समय पर लीडरशीप का रोल निभाते रहेंगे। वर्तमान में गेट्स विश्व के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं और उनकी कुल संपत्ति 84.4 अरब डॉलर है। गेट्स ने अप्रैल 1975 में माइकोसॉफ्ट की स्थापना की थी।
लिंक्डइन पर अपनी विदाई को लेकर उन्होंने लिखा कि मैं अब अपना आगे का जीवन दुनिया की तमाम समस्याओं को सुलझाने में बिताउंगा। बिल ऐंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की मदद से वह पूरी दुनिया में स्वास्थ्य, शिक्षा, क्लाइमेट चेंज जैसी समस्याओं पर काम करेंगे। बर्कशायर हैथवे के बोर्ड से इस्तीफ़े को लेकर उन्होंने कहा कि यहां काम करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। मैं और वॉरन बफेट साथ में काम करने के पहले से बहुत अच्छे दोस्त रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला जो भारतीय मूल के हैं, उनकी प्रशंसा में बिल गेट्स ने कहा कि मैं कंपनी के बोर्ड से अलग हुआ हूं, कंपनी से नहीं और मैं उनके साथ लगातार संपर्क में रहूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह कंपनी विकास कर रही है मैं उससे काफ़ी ख़ुश हूं। (RZ)